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इकौना में हुए एनकाउंटर पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, अब सीबीआई को सौंपी जांच
लखनऊ। श्रावस्ती के इकौना में मई 2025 में हुए हाफ एनकाउंटर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कई सवाल उठाए हैं। इनमें सबसे दिलचस्प सवाल पुलिस टीम की गाड़ी को लेकर है। कोर्ट ने पूछा कि इंस्पेक्टर समेत 13 पुलिसकर्मी आखिर एक ही जीप में कैसे बैठे थे? कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है, साथ ही तत्कालीन एसएचओ अश्विनी कुमार दुबे की निशानेबाजी और शूटिंग क्षमता की जांच करने का भी निर्देश दिया है। सीबीआई को तीन महीने के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है।
मीडिया रिपोर्ट में पुलिस की एफआईआर में बताए गए घटनाक्रम के मुताबिक एनकाउंटर के दौरान तत्कालीन एसएचओ अश्विनी कुमार दुबे की टीम में कुल 13 पुलिसकर्मी थे। इनमें इंस्पेक्टर, पांच सब इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और छह कांस्टेबल शामिल थे। यहीं हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर ये सभी पुलिसकर्मी एक ही जीप में कैसे बैठे? कोर्ट ने कहा कि सामान्य जीप में इतने पुलिसकर्मियों के बैठने की क्षमता नहीं होती है। यहां तक कि पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एसयूवी और एमयूवी में भी 13 लोगों के बैठने की जगह नहीं होती है। इतने लोगों के एक साथ बैठने के लिए वाहन का आकार मिनी बस जैसा होना चाहिए। अब यही सवाल जांच का हिस्सा है अगर एक ही जीप थी तो उसमें सभी कैसे बैठे और अगर एक से ज्यादा वाहन थे तो उनका जिक्र पुलिस रिकॉर्ड में कहां है?
मामले में दूसरा बड़ा सवाल फायरिंग को लेकर है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अलाउद्दीन को घेरने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस ने दावा किया कि कुल 23 पुलिसकर्मी मौके पर थे। आरोपी ने पुलिस पार्टी को देखकर फायरिंग कर दी। पुलिस का कहना था कि उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उसने कथित तौर पर हथियार दोबारा लोड किया और पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन हाईकोर्ट ने देखा कि 23 पुलिसकर्मियों से घिरे आरोपी ने फायरिंग की, लेकिन एक भी पुलिसकर्मी को गोली नहीं लगी। इसी विरोधाभास को जांच के लिहाज से अहम माना है।
एनकाउंटर का तीसरा अहम हिस्सा एसएचओ की गोली है। पुलिस के मुताबिक घटना रात करीब 11 बजे एक सुनसान इलाके में हुई। तत्कालीन एसएचओ आरोपी से करीब 15 मीटर की दूरी पर थे। पुलिस की एफआईआर में दावा किया गया कि एसएचओ ने आरोपी के हथियार को दोबारा लोड करने की आवाज सुनी। इसके बाद उन्होंने गोली चलाई। गोली आरोपी के दोनों पैरों में लगी। हाईकोर्ट ने अब सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह तत्कालीन एसएचओ अश्विनी कुमार दुबे की शूटिंग और निशानेबाजी की क्षमता का भी परीक्षण करे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

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