
बीपीएससी विवाद के बीच परीक्षा नियंत्रक की ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ वाली टिप्पणी पर भड़के अभ्यर्थियों ने यूं दिया जवाब
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच छात्रों के विरोध का एक अनोखा तरीका सोशल मीडिया पर सामने आया है। बीपीएससी के एक अधिकारी की टिप्पणी से नाराज अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर अपनी एक ‘पार्टी’ बना ली है, जिसका नाम ‘कुत्ता जनता पार्टी’ (केजेपी) रखा गया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवा हाथों में बैनर लेकर ‘कुत्ता जनता पार्टी जिंदाबाद’ के नारे लगाते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे बैनर पर लिखा है- ‘कुत्ता जनता पार्टी-केजेपी: बीपीएससी ने छात्रों की तुलना कुत्तों से की, ये अपमान हम नहीं सहेंगे।’ छात्रों का कहना है कि अधिकारी की टिप्पणी से उन्हें अपमानित महसूस हुआ और इसी के विरोध में उन्होंने यह नाम अपनाया है।
ऐसे शुरू हुआ था विवाद……
दरअसल, बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभ्यर्थियों की मांगों से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा को प्रीलिम्स और मेंस, दो चरणों में कराने की नई व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। कुछ छात्रों का आरोप है कि नई व्यवस्था से हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को नुकसान हो सकता है। जब अधिकारी से प्रदर्शन और आयोग के फैसले को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आयोग के फैसले पर आपत्ति है, वे कोर्ट क्यों नहीं जाते। इसी दौरान उन्होंने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा, ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार।’ इसके बाद उनका बयान विवाद का कारण बन गया। इस पर अधिकारी का कहना था कि उन्होंने महज एक प्रचलित कहावत का इस्तेमाल किया था। हालांकि, छात्रों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से जोड़कर देखा और आरोप लगाया कि उनकी तुलना कुत्तों से की गई है।
छात्रों ने निकाला विरोध का अनोखा तरीका……………
प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। राजेश कुमार सिंह को वीडियो में पत्रकारों से अपनी कही बात को नजरअंदाज करने की अपील करते हुए भी सुना गया। हालांकि, तब तक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुका था। नाराज छात्रों ने विरोध दर्ज कराने के लिए ‘कुत्ता जनता पार्टी’ के नाम से पोस्ट और वीडियो साझा करना शुरू कर दिया। इस तरह बीपीएससी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा विवाद सोशल मीडिया पर एक अलग तरह के अभियान में बदल गया।
