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डिंडौरी ।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान नेशनल लोक अदालत एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर पोर्टफोलियो न्यायमूर्ति श्री अचल कुमार पालीवाल के मुख्यातिथ्य में आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम एस ए अंसारी, कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या, पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह, जिला न्यायाधीश श्री गिरजेश सनोडिया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री कमलेश सोनी, प्रधान न्यायाधीश श्री एम एल राठौर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्री आशीष कुमार केशरवानी, जिला रजिस्ट्रार श्री उत्कर्ष राज सोनी, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री मोहसिना खान, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री रिया डेहरिया एवं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री लोकेश पटेरिया सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर पोर्टफोलियो न्यायमूर्ति श्री अचल कुमार पालीवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज महिला दिवस के अवसर पर इस वर्ष की पहली लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, लोक अदालत में आपसी राजीनामा के माध्यम से आमजन के समय और धन की बचत संभव है। महिला दिवस के अवसर पर हमें यह सोचना होगा कि महिला उत्पीडन के कारण क्या हैं और उसे कैसे रोक सकते हैं। यदि सभी महिलाओं की सोच एक समान हो जाए तो महिला उत्पीडन नहीं होगा। यदि महिलाएं संवेदनशील होंगी, शारीरिक , आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त होगीं तो महिलाओं के प्रति अपराध नहीं होंगी, इसलिए महिलाओं को मानसिक रूप से आत्मविश्वासी होना होगा, सशक्त महिलाओं से ही विश्व सशक्त बनता है। उन्होंने इस अवसर पर महिला दिवस की शुभकामनाएं दी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम एस ए अंसारी ने अपने संबोधन में लोक अदालत के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि आज आयोजित लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निराकरण सभी के प्रयासों से किया जाएगा। अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम ए अंसारी ने कहा कि हमारे देश में नारी की पूजा की जाती है। फिर भी महिलाओं के अधिकारों के प्रति हमें जागरूक करने की आवश्यकता है। पुरूष समाज को भी अपनी भावना और व्यवहार नियंत्रण करना होगा, जिससे महिला अपराधों में कमी आएगी। बेटों को अच्छा व्यवहार सिखाना हम सब का कर्तव्य है, सामाजिक तौर पर समस्त निर्णयों में महिलाओं की सहभागिता को शामिल करना होगा, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व में मां का पद सबसे सशक्त पद होता है। महिलाओं में ही सृजन की शक्ति समाहित है मां से ही बच्चों को संस्कार मिलते हैं, मां के द्वारा दिए गए संस्कार से समाज का निर्माण होता है। महिलाओं को आत्मचितंन कर देखने की आवश्यकता है कि बच्चों का निर्माण किस प्रकार करतीं हैं। मां के रूप में निभाई उचित भूमिका के माध्यम से समाज में महिला अपराध के प्रति शिकायतें नहीं आएंगी।पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह ने अपने संबोधन में मातृ शक्ति को समाज के लिए तोहफे की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मां, बेटी, बहन आदि सभी भूमिकाओं में महिलाएं संतुलन बनाकर अच्छा कार्य कर रहीं हैं और आगे बढ रहीं हैं।

मातृ शक्ति का किया सम्मान

कार्यक्रम में अतिथियों के द्वारा पाटनगढ के गोंडी चित्रकारी में प्रसिद्धि प्राप्त श्रीमती गीता पट्टा और चम्पा बाई को महिला दिवस के अवसर पर मंच से सम्मानित किया गया।

ई-सेवा केन्द्र का किया लोकार्पण

जिला न्यायालय परिसर में ई-सेवा केन्द्र का लोकार्पण मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री अचल कुमार पालीवाल ने किया। ई-सेवा केन्द्र मे माध्यम से न्यायालय कक्षों तथा वाद सूची की जानकारी, प्रकरण की स्थिति, अगली तारीख और अन्य विवरणों के बारे में जानकारी आदि सेवाएं आमजन को प्राप्त हो सकेंगी।

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