टीकमगढ़ । जिले के एक मजदूर को पुलिस ने इतना पीटा की मजदूर की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, मजदूर का कसूर सिर्फ इतना था कि, वहां जर्नल कोच के डिब्बे में बैठकर गेट पर जाकर बीड़ी पी रहा था।
मृतक के पुत्र विशाल अहिरवार ने बताया कि पिता रामदयाल के साथ ललितपुर स्टेशन से गोंडवाना एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में दिल्ली के लिए यात्रा कर रहे थे। रात में करीब दो से ढाई बजे रामदयाल अपनी सीट से उठकर बाथरूम गए और फिर गेट पर खड़े होकर बीड़ी पीने लगे।
तभी स्लीपर कोच में तैनात जीआरपीएफ के जवान आजाद ने उन्हें पकड़ कर बेरहमी से मारपीट की।
मृतक के पुत्र के अनुसार पिता वापस अपनी सीट पर आए तब उनकी हालत मारपीट के कारण काफी खराब थी। उन्होंने मुझे सारी जानकारी दी और वे अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इसी बीच जीआरपीएफ जवान आजाद और उसके साथ एक अन्य जवान वहां आया और अपनी ओर से सफाई देकर कहा कि सिर्फ एक चांटा इन्हें मारा है। बाकी हमने कुछ नहीं किया।
जब ट्रेन मथुरा स्टेशन पर पहुंची तब अपने पिताजी के शव को वहां उतारा और जीआरपीएफ थाने में इसकी शिकायत की। मथुरा पुलिस ने भी कोई सहयोग नहीं किया। पोस्टमार्टम के बाद मैं अपने पिता का शव लेकर अपने गांव रामनगर आ गया था, जहां पिता का अंतिम संस्कार किया।
