Spread the love

इस्लामाबाद। इस वक्त पाकिस्तान पर दोहरी मार पड़ रही है। इधर भारत के हमलों से परेशान है उधर बलूचिस्तान में पाक सैनिकों की सामुहिक हत्याएं हो रहीं हैं। दक्षिण वजीरिस्तान और बलूचिस्तान में आतंकी हमलों से पाकिस्तान की सेना हिल गई है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने गुरुवार रात दक्षिण वजीरिस्तान के शकाई उप-मंडल में डांगेट चौकी पर हमला कर 20 पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला। वहीं, बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान में हमले कर दो और सैनिकों को मार गिराया। इसके साथ ही, नूर खान (रावलपिंडी), रफीकी (शोरकोट), और मुरीद (चकवाल) एयरबेस पर भारतीय मिसाइल हमलों ने पाकिस्तान को तीन मोर्चों पर घेर लिया है।
टीटीपी ने दक्षिण वजीरिस्तान के डांगेट चौकी पर कई चरणों में हमला किया। वार ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के मुताबिक हमले के पहले चरण में, लेजर राइफलों से छह सैनिकों को निशाना बनाया गया। इसके बाद, चौकी पर भारी और हल्के हथियारों से हमला हुआ। हमले के बाद मंतोई से भेजी गई सैन्य सहायता पर घात लगाकर अटैक किया गया, जिसमें दो सैन्य वाहन तबाह हो गए। टीटीपी का दावा है कि 20 सैनिक मारे गए और पांच घायल हुए। पांच राइफलों, एक रॉकेट लॉन्चर, नाइट विजन उपकरण और अन्य सैन्य सामग्री जब्त कर ली गई। टीटीपी ने पुष्टि की है कि उसका एक लड़ाका मुसाब में मारा गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टीटीपी प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने हमले को जवाबी कार्रवाई बताया। उसका आरोप है कि जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर मुख्यालय की जानकारी पाकिस्तानी सेना ने भारत को दी थी। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने यहां हमला किया था, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के 10 परिजन समेत 14 लोग मारे गए थे। खुरासानी ने पाकिस्तान आर्मी को एक प्रोफेशनल किलर भी बताया। उसने कहा कि पाकिस्तानी सेना पश्चिम समर्थक और प्रोफेशनल किलर है। ओसामा बिन लादेन के मारे जाने का भी जिक्र खुरासानी ने किया है। बलूच विद्रोहियों ने भी बलूचिस्तान के तुरबत, क्वेटा और अन्य क्षेत्रों में हमले किए। तुरबत के डी बलोच क्षेत्र में ग्रेनेड हमले और क्वेटा के हज्जारगंजी व फैजाबाद में सैन्य चौकियों पर हमलों को अंजाम दिया गया। हमले में दो सैनिक मारे गए।

भारत के पलटवार से पाकिस्तान की चूलें हिल गई….शांति की बात करने लगे डार
इस्लामाबाद। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में 9 जगहों पर एयर स्ट्राइक करके जैश, लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी शिविरों को तबाह किया। इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों व रिहायशी इलाकों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया। हालांकि, पाकिस्तानी हमले को भारत के मजबूत एयर डिफेंस ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया।
भारतीय सेनाओं ने उकसावे का जवाब देना शुरू किया, तो पाकिस्तान की चूलें हिल गईं। अब पाकिस्तानी विदेश मंत्री का कहना है कि पाकिस्तान युद्ध नहीं बल्कि शांति चाहता है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि अगर भारत आक्रामतकता नहीं दिखाता और हमले रोक देता है, तब हम भी तनाव कम करना चाहते है। हम वास्तव में शांति चाहते हैं, क्योंकि हमारा उद्देश्य विनाश और धन की बर्बादी नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने तनाव को कम करने के लिए विभिन्न देशों के साथ संपर्क साधा है। डार ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कहा है कि तनाव कम करने की जिम्मेदारी भारत पर है।
बता दें कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तानी सेना ने ‘ऑपरेशन बुन्यान-उन-मर्सूस’ शुरू किया, इस भारत ने चंद घंटों में ही विफल कर दिया। भारतीय हमले में पाकिस्तान के रफीकी, मुरीद, चकलाला और रहीम यार खान एयरबेस को काफी नुकसान पहुंचा है। भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने अपने सटीक हमले में पाकिस्तान के तकनीकी संस्थापन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रडार साइट्स और हथियारों के भंडारण को तबाह कर दिया है। इन हमलों के बाद पाकिस्तान को समझ में आ चुका है कि भारत की तीनों सेनाओं और उनके हथियारों की पहुंच उसके क्षेत्र में बहुत अंदर तक है। इसीलिए इशाक डार अब तनाव कम करने की गुजारिश कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *