पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रस्ताव रखा जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी


आदिवासियों के घरों तक सडक़ बनाकर देंगी सरकार
दमोह। मोहन यादव कैबिनेट ने तय किया है कि आदिवासियों के घरों तक सडक़ बनाकर देंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री मजरा-टोला सडक़ योजना शुरू की जाएगी। इस योजना में 30900 किमी सडक़ें बनाई जाएंगी। योजना में 21600 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
नगरीय विकास और आवास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मोहन कैबिनेट ने मुख्यमंत्री मजरा-टोला सडक़ योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना में मजरे-टोलों को सडक़ से जोड़ा जाएगा। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने इसका प्रस्ताव रखा जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे मजरे-टोलों की तलाश कर जानकारी दें, ताकि सडक़ बनाई जा सके।
इस योजना के तहत 30900 किमी सडक़ें बनाई जाएंगी और इसके लिए 21600 करोड़ खर्च होंगे। यहां डामर, लेवल के आधार पर सीसी रोड भी बनेंगी। विजयवर्गीय ने बताया कि सर्वे के अनुसार प्रदेश में 20600 बसाहटें ऐसी हैं जिसका एरिया 600 वर्गमीटर है। इनमें अगर बसाहट से 50 मीटर दूरी पर सडक़ नहीं होगी और बसाहट में 20 मकान होंगे तो सडक़ बनाई जाएगी। इसके लिए कलेक्टर, सांसद, जनप्रतिनिधियों की एक सलाहकार और परामर्शदात्री समिति बनाई जाएगी जो सुझाव देगी और इसी आधार पर सडक़ों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना में सडक़ों के निर्माण के लिए पीएम सडक़ योजना की शर्तें लागू होंगी।
समिति करेगी जिले के विकास का फैसला
कैबिनेट ने जिला विकास सलाहकार समिति बनाने का फैसला लिया है। हर जिले में इसका गठन होगा और अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष प्रभारी मंत्री होंगे। इस समिति का उद्देश्य जिले के विकास का रोडमैप तैयार करना है। इसमें सदस्य सभी जनप्रतिनिधि होंगे। हर क्षेत्र के एक्सपट्र्स को इस समिति में शामिल किया जाएगा। सोलर हो, उद्योग या कोई अन्य सदस्य इसमें बुलाए जा सकेंगे। इसमें 20 सदस्य होंगे। समिति अपनी सलाह राज्य सरकार को देगी और सरकार इस पर जिले के विकास के लिए फैसला करेगी और जरूरत होने पर फंड भी रिलीज करेगी।
40 करोड़ से बनेंगे वूमन वर्किंग हॉस्टल
केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा महिला सशक्तिककरण के लिए काम करते हैं और 40.59 करोड़ रुपए दिए गए हैं जिसमें 350 बेड वाले वर्किंग वूमन हॉस्टल बनेंगे। यह चार स्थानों झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में पीपीपी मोड पर बनेंगे। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मंत्रियों से सीएम यादव ने कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है। वे अपने क्षेत्र की जो भी चुनौतियां हैं, उससे निबटने के लिए अभी से काम करें। स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट के बारे में सीएम यादव ने बैठक के पहले जानकारी दी। कैबिनेट ने सीएम को इस अचीवमेंट के लिए बधाई दी। स्वामी चिन्मयानंद भी इसमें आए थे। वेलनेस सेंटर लोगों को बीमार होने से पहले स्वस्थ रखने का काम करेंगे और सरकार इसे जिम्मेदारी समझकर समाज हित में निभाने का काम कर रही है।
