पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने छलांग लगाई, पिछले वर्ष 13 करोड़ 40 लाख से ज्यादा पर्यटक मध्यप्रदेश की धरती पर आये 1.67 लाख विदेश पर्यटक प्रदेश में आए ………..आने वाले समय में 1000 होमस्टे बनेंगे

दमोह : पूरे प्रदेश में पर्यटन विभाग की एक महत्वपूर्ण योजना होमस्टे चल रही है। गत दिवस प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में बन रहे बहुत सारे होम स्टे का लोकार्पण किया। होम स्टे के माध्यम से लगभग 294 होमस्टे बनाने का काम सरकार ने किया है और आने वाले समय में 1000 होम स्टे बनेंगे, इसके लिए 121 ग्रामों को चिन्हित कर होम स्टे बनाने का काम जारी है। पर्यटन की दृष्टि से जो पर्यटक मध्यप्रदेश में आते हैं वह भारत की संस्कृति को जाने, मुख्य रूप से गांव की संस्कृति को जाने इसके लिए होम स्टे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस आशय के विचार प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने आज मीडियाजन से चर्चा करते हुये व्यक्त किये।
संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा होम स्टे के माध्यम से जैसे गांव में मिट्टी के मकान होते हैं, वैसे ही मकान बनाए जाते हैं। आने वाले पर्यटकों को चूल्हे की रोटी खिलाई जाती है और इसमें कुल मिला कर गांव में जो एड्वेंचर बैलगाड़ी राइड, भजन संध्या आदि इन सारी चीजों से कहीं ना कहीं जो पर्यटक आते हैं वह इन सारी चीजों से फेमिलियर होते हैं। गांव की संस्कृति को जानना चाहते हैं, उसके लिए होम स्टे मील का पत्थर साबित हो रहा हैं।
राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा पर्यटन के क्षेत्र में जिस प्रकार से मध्यप्रदेश ने छलांग लगाई है। पिछले वर्ष 13 करोड़ 40 लाख से ज्यादा पर्यटक मध्यप्रदेश की धरती पर आए। इसमें विदेशी पर्यटकों का भी मध्यप्रदेश की ओर रुख हुआ है, जिसमें 01 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक भी मध्यप्रदेश की वाइल्ड लाइफ को देखने के लिए आए हैं। मध्यप्रदेश में विभिन्न विविधताएँ वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में होना चाहिए मध्यप्रदेश में सारी विविधताएँ उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश क्रमांक एक का प्रदेश क्षेत्र में बनने वाला है। आने वाले समय में पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश क्रमांक एक का प्रदेश बने, इन सारी बातों को लेकर पर्यटन विभाग निरंतर काम कर रहा है और अभी बांदकपुर कॉरिडोर का कार्य भी शुरू होने जा रहा है। वह भी एक बड़ी उपलब्धि दमोह जिले के लिए है।
राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा पर्यटक स्थलों का चयन दमोह को पर्यटन का हब बनाने के लिए संकल्पित हैं और नोहटा के नोहलेश्वर महादेव मंदिर का भी टेंडर लग गया है, उसका भी काम शुरू होने वाला है। कुल मिलाकर बहुत सारे दमोह जिले के स्थान को चिन्हित करके पर्यटन के क्षेत्र में दमोह कैसे आगे बढ़ेगा, इसके लिए भी निरंतर चिंता की जा रही हैं। राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा संग्रहालय के लिये 20 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए हैं, दमोह में दिव्य और भव्य दमयंती संग्रहालय बनाने की ओर हम अग्रसर हो गए हैं। जल्दी ही उसका काम शुरू होगा।
ज्ञातव्य है दमोह जिले में 30 होम स्टे बनाये जा रहे है, जिसमें से जबेरा ब्लॉक के सिंग्रामपुर में 10 होम स्टे, पड़रिया थोबन गांव में 10 होम स्टे एवं तेंदूखेड़ा ब्लॉक रिचकुड़ी गांव में 10 होम स्टे सभी होम स्टे निर्माण कार्य प्रगति में है, जल्द ही पूर्ण तैयार होंगे। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की महत्वकांक्षी होमस्टे योजना अंतर्गत दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक में सिंग्रामपुर गांव के 2 हितग्राही राजेश राय और गोपाल सोनकर के यहाँ बने होम स्टे का वर्चुअली उद्घाटन गत दिवस भोपाल में आयोजित कार्यक्रम “ग्रामीण रंग पर्यटन के संग” के दौरान मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव जी के द्वारा किया गया और डिजिटली माध्यम से जुड़कर होमस्टे हितग्राही राजेश राय से संवाद भी किया, मुख्यमंत्री जी ने पर्यटन को बढ़ावा देने अपार सम्भावनायें भी बताई।
