
सरकारी जमीन की नीलामी कर आदेश भी जारी कर दिए
राजकोट | गुजरात में नकली खाद्य चीज-वस्तुओं, पुलिस, वकील, जज, कलेक्टर जैसे नकली अफसरों के बाद अब पूरा तहसील पंचायत कार्यालय ही नकली निकला है। इतना ही नहीं इस फर्जी कार्यालय द्वारा फर्जी बैनामा आदेश भी जारी किए गए थे। इस फर्जी कार्यालय में डमी दस्तावेज बनाकर सरकारी जमीन के फर्जी बैनामे का घोटाला किया गया था। यह घटना राजकोट जिले के गोंडल की है, जहां पूरा तहसील कार्यालय ही फर्जी निकला है। इस कार्यालय ने फर्जी दस्तावेज बनाकर फर्जी सरकारी जमीन के कागजात बनाने का गोरखधंधा किया था। इसी क्रम में त्राकुडा गाँव में भी फर्जी सरकारी जमीन के कागजात जारी किए गए। सरकारी ज़मीन की नीलामी कर फ़र्ज़ी दस्तावेज़ और आदेश जारी किए गए। कार्यालय के फ़र्ज़ी होने का शक न हो, इसके लिए आरोपियों ने 300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की रिश्वत भी ली। सर्वे क्रमांक 91 में 5 एकड़ सरकारी ज़मीन पर अवैध प्लॉटिंग दिखाई गई थी। हालाँकि, पूरा घोटाला तब सामने आया जब कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेज और कागजात फर्जी पाए गए। गोंडल में एक फ़र्ज़ी पंचायत कार्यालय बनाकर सरकारी ज़मीन पर प्लॉटिंग करके डीड दे दी गई। जब यह पूरा मामला सामने आया तो पूरे हड़कंप मच गया। इस पूरे घोटाले में कागज़ों पर प्लॉटिंग दिखाकर लोगों को ठगा गया। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपियों ने 300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की रिश्वत भी ली। इतना ही नहीं, पूरे घोटाले में असली लेटर पैड और सिक्कों का इस्तेमाल किया गया। यह तथ्य इस बात की ओर इशारा करता है कि किसी सरकारी कर्मचारी और अंदरूनी व्यक्ति ने ही पूरे घोटाले को अंजाम दिया होगा। इस घोटाले के बारे में तलाटी ने दावा किया है कि ग्राम पंचायत में ऐसा कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
