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वीडियो हुआ वायरल पीडित पर ही गम्भीर मुकदमा कायम कोतवाली की कार्यवाही पर उठे सवाल

अनूपपुर। कोतवाली थानांतर्गत पसला रेत भंडारण के स्थान पर 15 से अधिक लोगो ने लाठी डंडे और प्लास्टिक पाइप से दो लोगो को बुरी तरह से पीटाई की। मारपीट कर रहे लोग रेत ठेकेदार के गुर्गे बताये जा रहे हैं मामले का एक वीडियो भी वायरल है। घटना 19 सितम्बर का बताया जा रहा है। रेत ठेकेदार एसोसिएट कामर्स के गुर्गों पर अभी तक कोई मामला पंजीबद्ध नही हुआ हैं। बताया जाता है कि इसके पहले भी पीड़ित युवक की माँ और पत्नी के साथ इन्ही गुर्गो से विवाद हुआ था. कोतमा थाने में पीड़ित युवक की माँ और पत्नी ने एसोसिएट कामर्स के मैनेजर और उनके आदमियों की शिकायत भी की थी. कुछ दिन बाद मामले में समझौता हो गया था.समझोते के बाद पीड़ित युवक पर ही पुलिस ने एक मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था. जेल से छूटने के बाद रेत ठेकेदार के गुर्गों ने पीड़ित युवकों को अनूपपुर न्यायालय में पेसी से लौटते समय नेशनल हाइवे 43 में रोक कर पसला रेत भंडारण ले गए और वहाँ करीब 15 लोगों ने पीड़ित युवक और उसके एक अन्य साथी पर हमला कर दिया मारपीट की।
कोतवाली पुलिस के रवैय्या पर सवालिया निशान
पीड़ित युवक मो. इस्ताक और उसके साथी अनवर की माने तो घटना दिनांक 9 सितंम्बर को किसी तरीके से बचकर थाने पहुचे तो कोतवाली पुलिस ने उन्हे भगा दिया और उनकी शिकायत पर रेत ठेकेदार एसोसिऐट काॅमर्स के गुर्गो पर कार्यवाही नही की और बाद में आरोपियों के शिकायत पर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 119(1), 115(2), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। और पीड़ित युवक का साथी मोहम्मद अनवर को जेल भेज दिया गया पीड़ित युवक मो इस्ताक फरार है। पीड़ित द्वारा कोतवाली पुलिस पर घटना को एक पक्षीय देखने का आरोप लगाये जा रहे है।
पीडित इस्तियाक उर्फ कतन्नी और अनवर का कहना है
पुलिस थाना अनूपपुर द्वारा दबाव में आकर झूठे, मनगढंत तथ्यों के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। मेरे द्वारा कोई अपराध नहीं किया गया है, बल्कि मैं अनूपपुर न्यायालय में अपनी पेशी करके अपने घर कोतमा लौट रहा था तभी, ग्राम पसला नेशनल हाईवे में रेता ठेकेदारों का भण्डारण है, वहां पर मुझको जबरदस्ती रोक कर मारपीट किये एवं मेरे साथी को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ले गये और मेरे और मेरे साथी के विरूद्ध पुलिस के साथ मिलकर एक झूठा अपराध कायम करा दिये है। अभियुक्त रेता ठेकेदारों के विरूद्ध कोतमा में शिकायत किया था, तब पूर्व में भी इनके द्वारा राजीनामा किया गया था और दोनों पक्षों के बीच प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई थी। दिनांक 19.09.2024 को न्यायालय के समक्ष पेशी पर आया हुआ था। घर लौटते समय ग्राम पसला में मेरे साथ मारपीट किए है और धनबल के कारण मेरे विरूद्ध एक झूठा आपराधिक मामला दर्ज करा दिये है। मैं अपने घर का एकमात्र मजदूरी करने वाला व्यक्ति हूं । मेरे घर पर आर्थिक संकट हैं ।
इस्तियाक पर है कई अपराधिक मामले
वायरल वीडियों के बारे में जब मीडिया द्वारा पुलिस से बात की गई तो पुलिस का एक हास्यास्पद बयान सामने आया कि इस्तियाक पर कई अपराधिक मामले दर्ज है वह अपराधिक किस्म का व्यक्ति है परंतु इस मामले में बताया जाता है कि इस्ताक के ऊपर दर्ज अधिकांश मामले रेत चोरी और रेत ठेकेदार के गुर्गो के साथ विवाद के है और इन्ही अपराधिक रिकाॅर्ड के बदौलत पुलिस इन्हे बड़ा अपराधी बताने का काम कर रही है। पीडित की माने तो जब भी वह रेत ठेकेदार का विरोध करता है,तो उसके विरूद्ध झूठा मामला रंजिशनवश बनाया जाता है।
सत्ता और समाज के बीच समन्वय असंतुलन का परिणाम है ये मामला
दरअसल जिले की 18 स्थान रेत उठाव के लिये चिन्हित हैं.इनके लिये अनुबंध एसोसियेट कंपनी के पास है.दरसअल घाटो से रेत की चोरी होती है और चोरी रोकने के लिए रेत ठेकेदार ने कुछ गुंडे नियुक्त कर रखे हैं यूं कहें कि यही गुंडों से रेत चोरी रोकने का काम करवाते हैं इसी क्रम में रेत ठेकेदार ने ग्वालियर, मुरैना, इलाहाबाद और किसी शहर से कर्मियों को काम पर लगा रखा है, ये कौन लोग हैं क्या सभ्रांत नागरिक है बहार से आए हुए एन लठैतो का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है क्या और नहीं तो क्यों नहीं किया गया।मारपीट का वीडियो वायरल करने की मनसिकता को समझने की जरूरत है. मारपीट का वीडियो वायरल करने का मकसद डर पैदा करना है.जिन लोगो या सत्ता प्रतिष्ठान ने यह समझ लिया की यह मामला यूं ही दब जाएगा उनको समझने मे भारी चूक हो गई है. आज का अपना समाज व्यापक और संवेदनशील है.आज का युवा समर्पित और जानकार है लोकतंत्र की सभी संस्थाएं नीति-अनीति बताने की आयोजन हैं अंत में इस पूरे मामले में यह पंक्तिया सटीक बैठती है।
खौफ का मंजर दिखा कर जान खुद की तौलता क्या
रौब मे ये आदमी तो सच को भी…. हैं रौंदता क्या
इस प्रकरण को खास बनाम आम बनाने की जिस तरह की कोशिश हुई है वह बेहद गंभीर हैं।पुलिस के लिए अनूपपुर के आम जन मानस की सुरक्षा मायने नही रखती यह वीडियो यही साबित करता है पुलिस आम जन की सेवा के लिए है या माफ़ियायों के संरक्षण के लिए जवाब तो कप्तान साहब देना होगा ,अनूपपुर एक शांति प्रिय जिला है और इस तरह से बाहर के लोग यहाँ आ कर अशांति का वातावरण पैदा करें ये किसी तरह बर्दास्त योग्य नही है
इनका कहना है

वायरल वीडियों को संज्ञान में लेकर आज ही संदिग्धो के खिलाफ आज ही मुकदमा कायम करवा रहे है।
मोहम्मद इसरार मंसूरी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर

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