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बीजिंग। चीन की राजनीति और सेना के भीतर मचे भीषण घमासान के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। चीनी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सबसे शक्तिशाली जनरलों में से एक और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बेहद करीबी रहे झांग यूश्या अब जांच के घेरे में हैं। उन पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और चीन मामलों के जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ रची गई एक बड़ी सैन्य साजिश और तख्तापलट की नाकाम कोशिश से जुड़ा है।
75 वर्षीय झांग यूश्या चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के वाइस चेयरमैन हैं। 1968 में सेना में शामिल हुए झांग का कद चीनी रक्षा तंत्र में राष्ट्रपति के ठीक बाद आता था। लेकिन अब वही जनरल जिनपिंग की जांच मशीनरी की चपेट में आ गए हैं। चीन मामलों की जानकारों का दावा है कि झांग यूश्या दरअसल शी जिनपिंग को सत्ता से हटाने की गुप्त योजना पर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वह पार्टी के पुराने दिग्गजों, जैसे पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ और पूर्व प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के साथ मिलकर चीन को वापस देंग शियाओपिंग के उदारवादी दौर में ले जाने का सपना देख रहे थे।
इस पूरे घटनाक्रम में एक नाटकीय मोड़ तब आया जब पिछले सप्ताह शी जिनपिंग के बीमार होने की खबरें फैलीं। जानकारों का कहना है कि यह दरअसल विरोधियों को भ्रम में डालने के लिए चली गई एक चाल थी। एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, झांग यूश्या जब केवल चार सुरक्षाकर्मियों के साथ पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद सौ से अधिक वफादार सैनिकों ने उन्हें घेर लिया और हिरासत में ले लिया। सूत्रों का दावा है कि झांग यूश्या की योजना की भनक जिनपिंग को पहले ही लग गई थी, जिसके बाद उन्होंने पलटवार करते हुए अपने विरोधियों के गुट को नेस्तनाबूद कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि आमतौर पर चीन अपने बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी महीनों छिपाकर रखता है, लेकिन झांग यूश्या के मामले में यह घोषणा महज कुछ ही दिनों में कर दी गई। विश्लेषकों का मानना है कि इतनी जल्दी सूचना सार्वजनिक करने का उद्देश्य सेना और पार्टी के अन्य संभावित विद्रोहियों को कड़ा संदेश देना है। इस कार्रवाई ने बीजिंग की सत्ता के गलियारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि शी जिनपिंग अपनी सत्ता को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शने के मूड में नहीं हैं, चाहे वह उनका कितना भी करीबी क्यों न रहा हो। फिलहाल, झांग यूश्या और सैन्य रणनीति प्रमुख ल्यू झेनली से गहन पूछताछ जारी है।

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