
जनहित याचिका पर कलेक्टर सहित अन्य से मांगा जवाब
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी व न्यायमूर्ती बीपी शर्मा की युगलपीठ ने बिना सुरक्षा मानकों के शहर के रहवासी इलाकों में ज्वलनशील पदार्थों के कारखाने और गोदामों के संचालन को चुनौती के मामले में जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में राज्य शासन, नगरीय विकास व आवास के सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक, कलेक्टर जबलपुर और नगर निगम जबलपुर के आयुक्त को नोटिस जारी किए गए हैं।
जनहित याचिकाकर्ता नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डा. पीजी नाजपांडे व सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि जबलपुर में रहवासी एरिया में गोदाम व्यावसायिक भवनों दुकानें फैक्ट्री चल रही है, जिसमें फायर सेप्टी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। फायर एनओसी के बिना चल रहे ये प्रतिष्ठान इस भीषण गर्मी में अग्नि दुर्घटनाओं का खुला निमंत्रण है। शहर के कोने कोने में ज्वलनशील पदार्थों का उत्पादन व भंडारण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। आवासीय क्षेत्रों में चल रहे ये कारखाने व गोदाम आबादी के लिए खतरा बने हुए हैं। कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कई शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अमलों की ओर से कार्रवाई नदारद है। जबलपुर में पूर्व में एक अस्पताल में भीषण अग्निकांड में जनधन हानि हो चुकी है। इसके बावजूद फायर सेप्टी के मेजर का उल्लंघन बदस्तूर जारी है।
