
मेरठ। बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी ठहराई गई मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को आज अदालत सजा सुनाएगी। 30 सितंबर को हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषी करार दिए गए दोनों आरोपियों के भाग्य का फैसला आज होगा, जब कोर्ट उनकी सजा का ऐलान करेगा। पीड़ित परिवार ने जहां आरोपियों के लिए फांसी की मांग की है, वहीं जेल प्रशासन दोनों की मानसिक स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
सजा सुनाए जाने से ठीक पहले मुस्कान और साहिल की बेचैनी बढ़ गई है। जेल अधीक्षक के अनुसार, दोषी करार दिए जाने के बाद से दोनों शांत रहने लगे हैं और उनकी बातचीत भी कम हो गई है। मुस्कान ने पूजा-पाठ भी घटा दिया है। उनके तनाव और अवसाद को देखते हुए चिकित्सकीय परीक्षण और नियमित काउंसलिंग कराई जा रही है। जेल प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और निगरानी भी बढ़ा दी है। मुस्कान अपनी दोनों बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित है। उसने जेल प्रशासन से अपनी बड़ी बेटी पीहू से मुलाकात या फोन पर बात कराने की मांग की थी, लेकिन मोबाइल नंबर उपलब्ध न होने के कारण यह संभव नहीं हो सका। मुस्कान ने अपनी बेटी के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उसने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। दूसरी ओर, मृतक सौरभ राजपूत का परिवार आरोपियों के लिए फांसी से कम की सजा मंजूर नहीं करने पर अड़ा है। सौरभ की मां रेणु राजपूत ने साफ कहा है कि अगर निचली अदालत से उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे। फैसले से पहले रेणु ने अपने घर पर पूजा-पाठ भी शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि यह खौफनाक वारदात 3 मार्च 2025 की रात को ब्रह्मपुरी में हुई थी। मुस्कान ने अपने पति सौरभ को खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर बेहोश किया और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी थी। निर्मम हत्या के बाद लाश के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में भरा गया और सीमेंट से जमा दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद 4 मार्च को मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश फरार हो गए थे, जहां से उन्हें 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद ही सौरभ की लाश ड्रम से बरामद की गई थी। इसी मामले में मेरठ की जिला जज कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, जिसने 30 सितंबर को दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया था।
