
दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला सत्र न्यायालय ने सड़क हादसे के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए वाहन चलाने वाले बेटे के साथ उसके पिता को भी दोषी ठहराया है। अदालत ने बिना ड्राइविंग लाइसेंस के तेज रफ्तार बाइक चलाकर एक युवक की जान लेने वाले मोहित कुमार बघेल को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देने वाले पिता मोहन लाल बघेल को तीन महीने की साधारण जेल और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
मामला 4 अगस्त 2025 की रात करीब साढ़े आठ बजे का है। दुर्ग के कोहका स्थित इंदु आईटी स्कूल के पास मोहित कुमार बघेल तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चला रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक सामने से आ रही एक्टिवा से टकरा गई। हादसे में एक्टिवा चला रहे शादान अली की मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहित के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता मोहन लाल बघेल ने उसे मोटरसाइकिल चलाने के लिए दी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
31 अक्टूबर 2026 को सत्र न्यायालय ने मोहित को भारतीय न्याय संहिता और मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं में पांच साल की सजा सुनाई। वहीं, पिता को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत तीन महीने की जेल दी गई। अदालत का यह फैसला उन अभिभावकों के लिए चेतावनी है, जो बिना वैध लाइसेंस के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देते हैं।
