वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा- गरीबी दर 27.1 फीसद से घटकर 2.6 फीसद हुई

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत में वर्ष 2011 से 2023 के बीच 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। इस अवधि में अत्यधिक गरीबी की दर में करीब 90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में देश में रोजगार के 13.4 करोड़ नए अवसर पैदा हुए हैं, जो कामकाजी उम्र की आबादी में हुई वृद्धि से लगभग दोगुने हैं। प्रधानमंत्री ने ये आंकड़े वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इंस्टाग्राम पर साझा किए हैं।
दरअसल, वर्ल्ड बैंक ने अक्टूबर में इंडिया पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ नाम से रिपोर्ट जारी की थी। इसके मुताबिक, भारत में अत्यधिक गरीबी की दर 2011 में 27.1 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। मोदी ने कहा कि गरीबी उन्मूलन सरकार के लिए महज नारा नहीं, बल्कि एक दृढ़ संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में आर्थिक असमानता में तेजी से कमी आई है। इसे मापने वाले गिनी इंडेक्स में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर 23.0 पर पहुंच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन 4.20 डॉलर (करीब 400 रुपये) से कम आय पर गुजारा करने वाले लोगों की आबादी भी 2011 के 57.7 प्रतिशत से घटकर 2023 में 16.1 प्रतिशत रह गई है। अनुमान है कि 2028 तक यह आंकड़ा घटकर 12.1 प्रतिशत हो सकता है।
गरीबी में कमी के पीछे तीन प्रमुख कारण
रिपोर्ट में गरीबी घटने के पीछे लोगों की आय और खर्च करने की क्षमता में सुधार, ग्रामीण महिलाओं की रोजगार में बढ़ती भागीदारी तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को प्रमुख कारण बताया गया है। वर्ष 2017 से 2023 के बीच करीब 13.4 करोड़ नए रोजगार के अवसर बने। इनमें ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसके अलावा मुफ्त राशन और सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाने जैसी योजनाओं ने भी गरीब परिवारों को सहारा दिया।
