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बढ़ते साइबर अपराध की रोकथाम के लिए सीएम एवं पुलिस महानिदेशक की मंशानुसार पुलिस ने की विशेष पहल
-भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस का पहला ऐसा जिला बनेगा, जहां सभी थानों में साइबर डेस्क होंगी संचालित
-पीड़ित 5 लाख रुपये तक की धोखाधड़ी की शिकायत कर सकेंगे संबंधित थाने में

भोपाल । वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम, जागरूकता एवं उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक की मंशानुसार भोपाल शहर के सभी थानों में दिनाँक 01 दिसंबर से साइबर डेस्क का शुभारंभ किया जाएगा। वर्तमान में आमज़न को साइबर धोखाधड़ी की शिकायत हेतु साइबर शाखा जाकर आवदेन देना पड़ता है, चूंकि शहर में एक ही साइबर थाना था एवं अधिकतर थानों से काफी दूर है, जिससे पीड़ितों को शिकायत हेतु साइबर थाने जाने में काफी समय लगता था और काफी परेशानी होती थी। आमजनों की सहूलियत को दृष्टिगत रखते हुए दिनाँक 01 दिसंबर से आवेदक/पीड़ित 5 लाख रुपये तक की धोखाधड़ी/ठगी की शिकायत सम्बंधित थानों में कर सकेंगे। जल्द शिकायत होने से पीड़ित का पैसा साइबर पुलिस त्वरित कार्यवाही कर होल्ड करेगी और रिफंड होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
उक्त साइबर डेस्क शुभारंभ के मद्देनजर पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र ने नगरीय पुलिस भोपाल के अधिकारी/कर्मचारियों हेतु पुलिस आयुक्त कार्यालय में 06 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। भोपाल शहर मध्यप्रदेश का पहला जिला होगा जहां साइबर डेस्क स्थापित कर क्रियान्वित किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त श्री मिश्र ने संबोधन में कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गया है, साथ ही मोबाइल एवं इन्टरनेट का अत्यधिक उपयोग से ठग आमजन की मेहनत की कमाई में सेंध लगा रहे हैं। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु पुलिस को तकनीकी ज्ञान एवं आमजनों में जागरूकता होना बेहद जरूरी हैं, जिसके कि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बढ़ते हुए साइबर अपराधों की गंभीरता एवं उससे होने वाले नुकसान तथा आगे आने वाले समय में होने वाली चुनौतियों के बारे में बताया गया एवं व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। साथ ही पुलिस आयुक्त श्री अखिल पटेल ने प्रशिक्षण सत्र का संचालन करते हुए भोपाल के सभी थानों में स्थापित की जाने वाली साइबर डेस्क के संचालन एवं सबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं तकनीकी ज्ञान और कुशलता से सम्बंधित जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान ने साइबर क्राइम अनुसंधान में आने वाली तकनीकी दिक्कतें, दीगर प्रदेशों से समन्वय एवं डिजिटल avidenc के संबंध में भूमिका रखी।
उक्त प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारी/कर्मचारियों को NCCRP, JMIS एवं CEIR पोर्टल के बारे मे प्रशिक्षित किया जाएगा, जिसमें साइबर क्राइम की रोकथाम, टेक्निकल एनालिसिस, पब्लिक अवेयरनेस, इन्वेस्टिगेशन इत्यादि से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

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