
कटनी – केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर दिया गए बयान दिन प्रति दिन उग्र होता जा रहा है,सोमवार की सुबह सैकड़ो की संख्या में भीमआर्मी व ओबीसी महासभा के कार्यकर्त्ता कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर के सामने एकत्र हुए जहाँ बड़ी देर तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई.उसके बाद राष्टपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौंपा ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि दिनांक 18 दिसम्बर 2024 को भारत की संसद में देश के केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता भारत रत्न,सिंबल आफ नालेज डॉ भीम राव आंबेडकर जी का अपमान आपत्तिजनक टिप्पणी कर किया गया जिससे दलित शोषित वंचित पिछड़े आदिवासियों के दिल में ठेस पहुंची है एवं रोष व्याप्त है। डॉ.भीमराव अंबेडकर संविधान निर्माता होने के साथ कानूनविद ,अर्थशास्त्री,लेखक,सामाजिक चिंतक समाज सुधारक एवं दलितों के मसीहा रहे हैं जिनका लोहा भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में माना जाता है,बाबा साहब आंबेडकर को संपूर्ण विश्व में ज्ञान के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है,बाबा साहब आंबेडकर जाति पाती छुआछूत आदि से संघर्ष करते हुए पूरा जीवन दलितों पिछड़ों उपेक्षितों को अधिकार एवं सम्मान दिलाने में लगाया था।अमित शाह द्वारा बाबा साहब का नाम लेना फैशन होना बताया गया जो बहुत ही निंदनीय है।बाबा साहब कोई फैशन की वस्तु नहीं बल्कि 85 % दलित एवं पिछडा समाज उन्हें भगवान के रूप में देखता है।
इसलिए संविधान निर्माता बाबा साहब के अपमान को देश का अपमान मानते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाते हुए एफआईआर दर्ज कराई जावे।
ओबीसी महासभा नें भी विरोध कर सौंपा ज्ञापन—
संसद सत्र के दौरान केन्द्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान यह बोलकर किया गया है कि इस समय फैशन बन गया है अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर। बाबा साहेब अंबेडकर कोई फैशन की वस्तु नहीं बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर वो मसीहा है जिन्हें भारत समेत विश्व के कई देशों में ज्ञान का प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने मुख्य द्वार पर बाबा साहेब की मूर्ति स्थापित करते हुये यह बताया कि वर्तमान युग के सबसे बेहतर छात्रों में से एक है बाबा साहेब अंबेडकर। बाबा साहेब अंबेडकर एक बेहतर अर्थशास्त्री, बकील, शोधकर्ता व समाजसुधारक रहे है। बाबा साहेब अंबेडकर संपूर्ण विश्व में अपनी शिक्षा व काबलियत के दम पर भारत देश का नाम गौरवान्वित किया है। बाबा साहेब की दूरगामी सोच ने भारत के शोषितों, वंचितों को सम्मान से जीने का हक दिलाया है इसलिए वे करोडों लोगों के दिलों में राज करते है व भारत की 85 प्रतिशत आबादी के मसीहा है। बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न से नवाजा गया है। भारत रत्न देश का सर्वोच्चतम पुरूस्कार है। भारत रत्न बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान मतलब देश का अपमान करने के बराबर है अर्थात केन्द्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह पर एफआईआर दर्ज कर मंत्री पद से हटाया जाना चाहिये। साथ ही संसद के अंदर जब भी चर्चा हो तब यह ध्यान रखा जावे कि संविधान के आधार पर हमारा देश हिन्दी में भारत व अंग्रेजी में इंडिया नाम ही बोला जावे। संसद के अंदर हिन्दुस्तान शब्द न बोला जावे। हिन्दुस्तान बोलना भी संविधान विरोधी है। बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करना देश का अपमान करने के बराबर इसलिए है कि बाबा साहेब अंबेडकर संविधान निर्माता है और संविधान हमारे देश का प्रतिबिंब है। संविधान निर्माता का अपमान करना देशद्रोह की श्रेणी में आता है अर्थात देशद्रोह का मुकदमा लगाते हुए तत्काल प्रभाव से अमित शाह को मंत्री पद से हटाया जाना चाहिये साथ ही नियमानुसार सख्त कार्यवाही करनी चाहिए.सोंपे गए ज्ञापन में यह भी उल्लेखित किया गया कि
यदि स्वर्ग इतना ही सुंदर है तो अमित शाह शीघ्र स्वर्ग सिधारें, हम ओबीसी,एससी,एसटी के लिये बाबा साहेब ही भगवान है क्योंकि उनके संघर्षों के कारण ही हम सम्मान से जीवन जी पा रहे है। क्योंकि हिन्दू समाज में हमें शिक्षा का अधिकार नहीं था, छुआछूत जातपात की जड़ें इतनी मजबूत है कि सम्मान से जीने का हक भी नही था, कुआ बावली से पानी पीने का हक नहीं था।सदियों से चली आ रही परंपरा का तंस बाबा साहेब को स्वयं झेलना पडा, कक्षा के बाहर बैठकर पढना पडा, छुआछूत भरे समाज ने खाना नही दिया तो भूखे रहने के लिए होटल व कमरे नहीं मिले तो कई रात फुटपाथ पर गुजार दी, पर उन्होने हार नही मानी शिक्षा प्राप्त की और शूद्रो व महिलाओं को अधिकार देकर मसीहा बन गए।
ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओ की मौजूदगी रही.
