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गुना l जिले में यूरिया खाद की भारी कमी के चलते किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को नानाखेड़ी मंडी स्थित वितरण केंद्र पर यूरिया लेने पहुंचे किसानों को खाद उपलब्ध नहीं होने से निराशा हाथ लगी। सर्दी और खराब मौसम के बीच किसानों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने सडक़ पर चक्काजाम कर विरोध जताया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए, जिससे आम नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्काजाम में महिला किसान भी शामिल थीं, जिन्होंने खाद वितरण में हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
किसानों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
किसानों ने वितरण केंद्र के अधिकारियों पर खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वितरण केंद्र पर यूरिया के कट्टों को 400-400 रुपये में बेचा जा रहा है। खेजरा गांव की किसान सुमित्रा बाई ने कहा, मैं पिछले चार दिनों से यहां आ रही हूं, लेकिन मुझे अब तक यूरिया नहीं मिला। कल जब मैं आई तो केंद्र काफी देर से खोला गया। हमें कहा गया कि खाद बांटा जाएगा, लेकिन कई घंटों के इंतजार के बावजूद हमें खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि केंद्र के कर्मचारी पैसे लेकर बड़े किसानों को ट्रालियों में भर-भरकर खाद दे रहे हैं, जबकि छोटे और गरीब किसान घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं।
खेतों में पानी, लेकिन खाद नहीं
किसानों ने बताया कि उनके खेतों में सिंचाई का पानी चल रहा है और यूरिया की तत्काल आवश्यकता है। यदि समय पर खाद नहीं मिला, तो फसलों पर बुरा असर पड़ेगा। एक किसान ने गुस्से में कहा, खाद अब नहीं मिलेगा तो कब मिलेगा? हम ठंड और कोहरे के बीच सुबह से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यहां व्यवस्थाएं बदतर हैं।
चक्काजाम और पुलिस हस्तक्षेप
केंद्र के समय पर न खुलने और व्यवस्थाओं के अभाव के कारण नाराज किसानों ने सुबह करीब 9:30 बजे चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को काबू में करने के लिए कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव और उनकी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया और यातायात बहाल कराया। इस दौरान चक्काजाम में बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल थीं। उन्होंने खाद की अनुपलब्धता और केंद्र की अव्यवस्थाओं पर तीखा रोष व्यक्त किया। एक अन्य महिला किसान ने कहा, केंद्र पर हमेशा देर से काम शुरू होता है। जिनके पास पैसे हैं, उन्हें खाद तुरंत मिल जाता है, लेकिन हम गरीब किसान घंटों इंतजार के बाद भी खाली लौट रहे हैं।
यूरिया संकट पर प्रशासन मौन
किसानों का कहना है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर चुप है। क्षेत्र के कई किसान पिछले एक सप्ताह से यूरिया के लिए भटक रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों और नेताओं से शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
फसलों पर संकट के बादल
खाद की अनुपलब्धता के कारण किसानों की रबी की फसलों पर संकट गहराने लगा है। सिंचाई के बाद यूरिया की आवश्यकता होती है, और समय पर खाद नहीं मिलने से पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। किसानों ने मांग की है कि खाद वितरण में पारदर्शिता लाई जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र पर पर्याप्त स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी किसान को खाद के लिए परेशान न होना पड़े।
आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
पुलिस और अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्काजाम खत्म किया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। बहरहाल यूरिया संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। किसान पहले ही डीएपी खाद की कमी से परेशान हो चुके हैं और अब यूरिया की किल्लत ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इसका गंभीर असर किसानों और फसलों पर पड़ सकता है।

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