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ग्वालियर । राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर युवाओं में संस्कार की भावनाओं को उत्पन्न करते हैं । राष्ट्रीय एकता जैसे शिविर जिसमें 15 राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवक एक साथ रहना और खाना करते हैं । यह शिविर अपरिचित स्वयंसेवकों से सुपरिचित स्वयंसेवक से बंधुत्व की भवना को उत्पन्न करते हैं । यह बात युवाओं के प्रिय फिल्मी अभिनेता आशुतोष राणा ने कही । राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल के तत्वाधान में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर की संगठन व्यवस्था में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षण संस्थान, ग्वालियर की प्रबंधन व्यवस्था एवं परिसर में यह शिविर संचालित किया जा रहा हैं । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एन.एस.एस. स्वयंसेवक से लोकप्रिय फिल्म अभिनेता बने आशुतोष राणा, कुलगुरु प्रो. इंदु बोरा, LNIPE ग्वालियर, युवा अधिकारी राजकुमार वर्मा, क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रो. हरिशंकर कंसाना, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर उपस्थित थे । कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती को माल्या अर्पण कर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया । मंच पर आने के पूर्व LNIPE परिसर में तुलसी का पौधा रोपित किया गया ।
फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों को ज्ञान तक ही सीमित नहीं किया जाएं बल्कि अनुभवों के आधार पर और आगे बड़कर माना जाएं । रासेयो शिविर को हमेशा चित लगाकर धरण करना चाहियें और श्रम की महत्वता का भाव उत्पन्न करना चाहियें । इस प्रकार के शिविरों में उत्पन्न समस्याओं को शांति पूर्वक कैसे हल कर सकें यह सीखने का मौका शिविर देता हैं । अपने अनुभव बताते हूएं कहा कि एन.एस.एस. में प्रवेश द्वार तो हैं परंतु बाहर जाने का रास्ता संस्कारवन बनने के बाद ही हैं ।
कुलगुरु प्रो. इंदु बोरा ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय शिविर को अपने परिसर को लगाकर हम गौरवान्वित हैं और भविष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना के लिए बहतर कार्य करने के लिए हम अपने-आप को धन्य मानेंगे । बौद्धक सत्र में डी.एस.पी. यातायात अजित सिंह चौहान ने कहा कि सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं में युवा ही हैं । इस प्रकार के शिविरों में तरुणाई सबसे अधिक हैं, और वह अपने राज्यों में जाकर युवाओं के साथ मिलकर इस असमय दुर्घटनाओं को जागरूकता से रोक सकें । कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज अवस्थी जिला संगठक ग्वालियर एवं आभार समन्वयक हरिशंकर कंसाना ने किया । अतिथियों को शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम में डॉ. गौरव सनोत्रा, डॉ संजय पाण्डेय, आकाश अष्टाना, प्रो. नरेन्द्र वर्मा, डॉ. प्रितेश चंद्रकांत, प्रो. नोवेन्द्र सिंह, डॉ. पंकज चांडक, प्रो. बिनकटेश चौधरी, डॉ. सुनील कुमार डॉ. संतु कुमार पन, प्रो. अवनी विरोला प्रो. अमित कुमार बघेल, डॉ दीप्ती झा, ओम प्रकाश वर्मा, डॉ. प्रिया सिंह, डॉ हर्ष वर्धन पंत, प्रो. अतुल चंद्र दास, प्रो. सुमन देवी, डॉ. अनिता चक्रवती, प्रो. शेख फरीद, प्रो. घनश्याम वर्मा, जी.एम. खापेकर, दीपेश कुमार अहिरवार, आशीष वासनिक, अर्चना कुशवाह आदि लोग उपस्थित थे ।

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