
कोच्चि। सीबीआई अदालत ने पेरिया में पांच साल पहले युवा कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में 10 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के एक पूर्व विधायक सहित चार अन्य लोगों को 5-5 साल जेल की सजा सुनाई। घटना कासरगोड जिले में पांच साल पहले हुई थी। अदालत ने बीते शनिवार को 14 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसमें 10 दोषियों को हत्या और आपराधिक साजिश के दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों मामलों में उनकी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इन 10 दोषियों पर हत्या और आपराधिक साजिश का आरोप लगा था। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर दो-दो लाख का जुर्माना भी ठोंका है। यह मामला 17 फरवरी, 2019 को कथित तौर पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा युवा कांग्रेस कार्यकर्ता कृपेश (19) और सरत लाल पी.के. (24) की हत्या करने से संबंधित है।
एर्नाकुलम से कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने पेरिया दोहरे हत्याकांड मामले में सीबीआई अदालत के फैसले की सराहना की। वहीं पीड़ित परिवारों की नाराजगी को भी स्वीकार किया। कांग्रेस सांसद ने कहा, एर्नाकुलम सीबीआई अदालत ने पेरिया दोहरे हत्याकांड मामले में सबसे महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया, जहां दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सीपीआईएम द्वारा और सरकार की मदद से हत्या कर दी गई थी। हम उस सजा का स्वागत करते हैं, जिसमें 10 मुख्य दोषियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
