
इन्दौर । विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) गिर्राज प्रसाद गर्ग की कोर्ट ने पन्द्रह हजार की रिश्वत मामले में गिरफ्तार सीजीएसटी अधीक्षक केपी राजन की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। इसके पहले हाई कोर्ट से भी रिश्वत लेने वाले अधीक्षक के पी राजन का जमानत आवेदन निरस्त किया जा चुका था। आरोपी की ओर से पेश जमानत आवेदन का विरोध करते हुए सीबीआई की ओर से कहा गया कि 28 नवंबर 2024 को सीबीआई की टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ उसके खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना के बाद चालान भी कोर्ट में पेश किया जा चुका है। जमानत पर छोड़े जाने पर आरोपी गवाह एवम साक्ष्यों को प्रभावित करेगा। विशेष न्यायाधीश ने सीबीआई के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को जमानत देने से इंकार करते उसका जमानत आवेदन निरस्त कर दिया। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि राऊ निवासी फरियादी सीताराम चौधरी की पत्नी भारती प्लास्टिक एवं मशीनरी संबंधित व्यवसाय करती हैं। विभाग ने उनकी फर्म का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ब्लॉक कर दिया था। खाते को अनब्लॉक करने के नाम पर आरोपी अधीक्षक के पी राजन ने 15 हजार रुपए की मांग की। इस पर फरियादी ने सीबीआई को शिकायत की थी। सीबीआई टीम ने कार्रवाई करते 28 नवंबर 2024 को अधीक्षक के पी राजन को रिश्वत लेते पकड़ा और उसके खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया था।
