
नर्सिंग काउंसिल के आफिस से सीसीटीवी फुटेज व दस्तावेज गायब होने का मामला
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी व न्यायमूर्ति अचल कुमार पालीवाल की युगलपीठ ने नर्सिंग काउंसिल के आफिस से सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज गायब होने के मामले में सख्ती बरती है। इसके अंतर्गत पुलिस कमिनश्नर, भोपाल और साइबर सेल को जांच के निर्देश दे दिए हैं। उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है कि काउंसिल के कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज पुनः रिट्रीव करने हर संभव प्रयास करें। यदि आवश्यक लगे तो काउंसिल आफिस के आसपास लगे कैमरों की रिकार्डिंग देखकर पता लगाएं कि आफिस से क्या-क्या बाहर ले जाया गया है। साइबर सेल को तत्कालीन रजिस्ट्रार के मोबाइल फोन के टावर लोकेशन के बारे में भी जानकारी एकत्र करने के भी निर्देश दिए है। ऐसा इसलिए ताकि 13 से 19 दिसंबर, 2024 की अवधि के दौरान परिषद के कार्यालय में उनकी भौतिक उपलब्धता का पता चल सके।
नर्सिंग फर्जीवाड़े मामले में ला स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका के साथ सभी अन्य नर्सिंग मामलों की सुनवाई हुई। विगत सुनवाई में हाई कोर्ट ने मप्र नर्सिंग काउंसिल आफिसर के 13 दिसंबर से 19 दिसंबर, 2024 तक की अवधि के सीसीटीवी फुटेज संरक्षित कर बंद लिफाफे में पेश करने के निर्देश जारी किए गए थे। सुनवाई के दौरान हाइ कोर्ट में दस्तावेज पेश कर अवगत कराया गया कि काउंसिल से 11 से 16 दिसंबर के सीसीटीवी फुटेज गायब हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट ने जब 12 दिसंबर को तत्कालीन रजिस्ट्रार को हटाने के आदेश दिए थे उसके बाद उनके द्वारा अपने कार्यकाल में की गई अनियमितताओं से संबंधित फाइलें 14 दिसंबर को गायब की गई हैं और सहयोगियों के साथ मिलकर सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट किए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में आवेदन पेश कर तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चांद पर यह भी आरोप लगाया है कि उनके द्वारा ग्वालियर के अनेकों ऐसे नर्सिंग कालेजों के सत्र 2022-23 के छात्रों के नामांकन अवैध रूप से जारी किए गए हैं। जिन कालेजों की सीबीआई जांच रिपोर्ट में सत्र 2022-23 में एक भी छात्र प्रवेश लेना नहीं पाए गए हैं, लेकिन उसके बावजूद तत्कालीन रजिस्ट्रार द्वारा कालेजों से मिलीभगत कर सीबीआइ रिपोर्ट को दरकिनार कर बैकडेट पर फर्जी तरीके से प्रवेशित दर्शाए गए छात्रों के इनरोलमेंट के लिए पोर्टल खोला गया। हाई कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को एनरोलमेंट संबंधी फाइलें में पेश करने के निर्देश भी दिए हैं।
