जैन मुनि शांतिसागर महाराज पिछले 8 साल से जेल में हैं

सूरत | सूरत के बहुचर्चित दुष्कर्म केस में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है| कोर्ट ने इस मामले में दोषी पाये गए जैन मुनि शांतिसागर महाराज को 10 साल की सजा सुनाई है| साथ ही उन पर रु. 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है| बता दें कि जैन मुनि ने तांत्रिक अनुष्ठान के बहाने वडोदरा की एक लड़की और उसके परिवार को सूरत बुलाया था। जहां नानपुरा स्थित जैन उपाश्रय में परिवार के सदस्यों को अलग-अलग कमरों में रखा गया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था| आठ साल बाद कोर्ट ने रेप मामले में फैसला सुनाया है| मामले में करीब 60 सबूत पेश किए गए और 250 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी| साथ ही अलग-अलग गवाहों से भी पूछताछ की गई| जैन मुनि शांतिसागर महाराज पिछले 8 साल से जेल में हैं| इस मामले में जैन मुनि शांतिसागर महाराज को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है| जैन मुनि 2 साल और जेल में बिताएंगे| क्योंकि, जैन मुनि पहले ही 8 साल की सजा काट चुके हैं। इसके साथ ही जैन मुनि पर 25000 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है| अदालती फैसले को लेकर सरकारी वकील कहा कि कोर्ट ने पीड़िता को कंपोजिशन स्कीम के तहत मुआवजा देने का भी आदेश दिया है| सरकारी पक्ष फैसले का अध्ययन कर आरोपी को ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाने को तैयार है| फिलहाल आरोपी रेप के एक मामले में 2017 से जेल में है| आरोपी दस साल की सजा में से आठ साल पहले ही जेल में काट चुका है। इसलिए आरोपी को दो साल की सजा काटनी होगी|
