हिंगोली। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के हिंगोली जिले में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के दौरान एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। दरअसल हिंगोली जिला कलेक्टर अभिनव गोयल द्वारा शुरू किए गए संजीवनी अभियान की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 13,956 महिलाओं में कैंसर होने का संदेह पाया गया है। इन महिलाओं की स्वास्थ्य विभाग द्वारा तालुका स्तर पर जांच की जाएगी और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने योजना बना ली है। जिला कलेक्टर अभिनव गोयल ने संजीवनी अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की और उन्हें इस अभियान में क्या-क्या किया जाएगा, इसकी जानकारी दी। इसके बाद आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव स्तर पर महिलाओं के बारे में जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च से गांव स्तर पर महिलाओं से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसमें कैंसर से पीड़ित संदिग्ध महिलाओं से जानकारी एकत्र की गई है। यह अभियान शुरू होने के बाद 20 दिनों तक यानि 27 मार्च तक चला। इस सर्वेक्षण में 3 लाख से अधिक महिलाओं से जानकारी एकत्र की गई। इस निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इनमें से लगभग 13,956 महिलाओं में कैंसर होने का अनुमान है। इस अभियान से सामने आए चौंकाने वाले आंकड़ों से घबराए स्वास्थ्य विभाग ने तालुका स्तर पर जांच शिविर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें तालुका स्तर पर महिलाओं की स्क्रीनिंग की जाएगी तथा कैंसर से पीड़ित महिलाओं के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिन महिलाओं को उपचार की आवश्यकता है, उन्हें दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुंह, गर्भाशय और स्तन कैंसर
स्वास्थ्य विभाग अब इस बात पर ध्यान दे रहा है कि इस शिविर से कितनी महिलाओं में कैंसर का निदान होता है। जिले में स्वास्थ्य जांच से पता चला है कि 3733 संदिग्ध महिला मरीजों में मुंह में कैंसर है। 7524 महिलाओं में गर्भाशय कैंसर की संभावना बताई गई है। जबकि 2699 महिलाओं में स्तन कैंसर की आशंका है।
