
आरोपी सुषमा रानी शुक्ला पर अभी भी मेहरबान बना है मंत्रालय
भोपाल। मप्र आजीविका मिशन में आठ साल पहले हुई फर्जी नियुक्ति मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) प्रकरण दर्ज कर चुका है। जिसमें आजीविका मिशन की राज्य परियोजना प्रबंधक सुषमा रानी शुक्ला को फर्जी नियुक्ति मामले में आरोपी बनाया है। मामला दर्ज होने के बाद भी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सुषमा रानी शुक्ला की संविदा नियुक्ति समाप्त नहीं की है। यदि विभाग कुछ दिन और मेहरबान बना रहा तो सुषमा रानी शुक्ला को न्यायालय से नियुक्ति मामले में मदद मिल सकती है।
सुषमा रानी शुक्ला मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन में संविदा नियुक्ति पर पदस्थ है। संविदा नियुक्ति 2018 के अनुसार बिना कारण बताए किसी की भी सेवा समाप्त नहीं की जा सकती है। मिशन के सूत्रों ने बताया कि सुषमा रानी शुक्ला का संविदा कार्यकाल बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच फर्जी नियुक्ति मामले में आरोपी बनाया जा चुका है। ऐसे में पंचायत विभाग के अधीन आजीविका मिशन ने सेवा समाप्त करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की है। यदि कुछ दिन और कार्रवाई नहीं होती है तो फिर न्यायालय से नियुक्ति मामले में मदद मिल सकती है। संविदा नियुक्ति 2018 ेके अनुसार किसी की संविदा नियुक्ति समाप्त करने के लिए कारण बताना पड़ता है। सुषमा रानी शुक्ला पर पिछली सरकार की तरह वर्तमान सरकार के अधिकारी भी मेहरबान बने हुए हैं। संविदा नियुक्ति समाप्त करने के संबंध में आजीविका मिशन की सीईओ सुश्री हर्षिका सिंह और प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने दूरभाष पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
आजीविका मिशन में समाप्त की 100 से ज्यादा संविदा नियुक्ति
आजीविका मिशन के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी ललित मोहन बेलवाल ने अपने कार्यकाल में 100 से ज्यादा संविदा नियुक्तियां समाप्त की थीं। हालांकि सभी नियुक्तियोंं को समाप्त करने के कोई-न कोई कारण बताए गए थे। लेकिन आजीविका मिशन से लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी सुषमा रानी शुक्ला की नियुक्ति समाप्त करने से बच रहे हैं। बताय गया तत्कालीन सीईओ ने अपनी मनमर्जी से सुषमा रानी शुक्ला को फर्जी तरीके से नौकरी दी और मानदेय बढ़ाया। बेलवाल पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के बेहद करीबी रहे हैं। ऐसे में ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज होने के बाद भी सुषमा रानी की सेवा समाप्त नहीं होने के पीछे पूर्व मुख्य सचिव का प्रभाव बताया जा रहा है।
बेलवाल को नोटिस भेजने की तैयारी
इधर फर्जी नियुक्ति का प्रकरण दर्ज करने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ आरोपियों को नोटिस भेजने की तैयारी में है। जांच एजेंसी के अधिकारी के मुताबिक आरोपियों से प्रकरण के संबंध में पूछताछ की जाएगी। इसके लिए उन्हें विधिवत नोटिस भेजा जाएगा। दर्ज प्रकरण के संंबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में जो नए तथ्य आएंगे, उसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी। बताया गया कि नोटिस भेजने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। ईओडब्ल्यू ने ललित मोहन बेलवाल, सुषमा रानी शुक्ला, विकास अवस्थी समेत अन्य को आरोपी बनाया है। सभी से पूछताछ की जाएगी।
