संयुक्त संचालक मनोज बरहैया, सीमा अमित तिवारी, प्रिया विश्नोई और अनूप कुमार के खिलाफ जबलपुर एसपी ने 10,000 रुपए का इनाम घोषित

जबलपुर।ऑडिट विभाग में पदस्थ बाबू संदीप शर्मा को 7 करोड़ का गबन कर फरार हुए एक महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन पुलिस को अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हैरानी की बात यह है कि संदीप शर्मा पुलिस की नाक के नीचे से फरार हो गया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।हालांकि अब पुलिस ने संदीप शर्मा समेत चार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित किया है।।विभागीय ऑडिट में पहली बार फरवरी 2025 में संदीप शर्मा की करतूत सामने आई थी। जांच में पता चला है कि वह अब तक 7 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला कर चुका है। जब यह खुलासा हुआ, तब जिला कोषालय अधिकारी ने कलेक्टर को इसकी जानकारी दी। डीएम दीपक कुमार सक्सेना के निर्देश पर ओमती थाने में संदीप शर्मा और चार अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का दावा था कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अब संदीप शर्मा समेत संयुक्त संचालक मनोज बरहैया, सीमा अमित तिवारी, प्रिया विश्नोई और अनूप कुमार के खिलाफ जबलपुर एसपी ने 10,000 रुपए का इनाम घोषित किया है और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है।
सैलरी सॉफ्टवेयर चलाने में एक्सपर्ट है संदीप
संदीप शर्मा ऑडिट विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर था। उसने जब यह काम संभाला तो देखा कि जिस सॉफ्टवेयर के जरिए सैलरी की रकम भरी जाती है, उसमें वह अपना वेतन 5 लाख तक बढ़ा सकता है। संदीप ने सबसे पहले अपने वेतन में हेरफेर किया। उसने अपनी सैलरी 44 हजार रुपए को बढ़ाकर 4 लाख 44 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया। संदीप को जब यह पेमेंट हो गई तो वह समझ गया कि सिस्टम को कोई देख ही नहीं रहा है। संदीप ने एक साल के भीतर सिर्फ सैलरी के जरिए ही कुल 55 लाख रुपए का गबन किया। रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और शासन की दूसरी सुविधाओं का फायदा मिलता है, यह सेटलमेंट करना भी उसी के हाथ में था। संदीप ने रिटायर होने वाले कई कर्मचारियों की रकम मनमाने तरीके से बढ़ा दी। इसके जरिए उसने अपने कई साथियों के साथ घोटाला किया।
बहन के घर छिपा रहा संदीप, पुलिस के आने से पहले ही फरार हुआ
पुलिस के पास संदीप शर्मा की केवल एक फोटो है और उसी के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। लगभग 15 दिन पहले पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह ग्वारीघाट स्थित अपनी बहन के सुखसागर आवास में छिपा है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया था।
एसपी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी
जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय का कहना है कि घोटालेबाज संदीप शर्मा और सोमेश गुप्ता की लगातार तलाश की जा रही है। संपरीक्षा विभाग के संदीप शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है और उन पर 10,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। जल्द ही इन सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
