
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को कानूनी लड़ाई शुरू होगी। याचिकाओं पर सुनवाई 2 बजे होगी। सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ये सुनवाई करेगी, हालांकि पहले ये सुनवाई तीन जजों की बेंच को करनी थी।एक पक्ष में एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की है। साथ ही इसे मनमाना और मुस्लिमों से भेदभाव वाला बताया है। सुप्रीम कोर्ट से एक्ट के लागू करने पर रोक की मांग भी की है । कांग्रेस, सहित पार्टियों के नेताओं ने भी एक्ट को चुनौती दी है। साथ ही जमीयत उलेमा हिंद, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसी धार्मिक संस्थाओं और एनजीओ ने भी कानून की खिलाफत की है। वहीं एक्ट के समर्थन में भी कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। भाजपा की सरकार वाले राज्य एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम, महाराष्ट्र और उत्तराखंड आदि ने भी अर्जी दाखिल कर पक्षकार बनाने की मांग की है। उन्होंने एक्ट का बचाव भी किया है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में एक्ट को चुनौती देते देने वाली बहुत सारी याचिकाएं हैं। इनमें असदुद्दीन ओवैसी, आप विधायक अमानतुल्लाह खान, एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स, मौलाना अरशद मदनी – जमीयत उलेमा ए हिंद, समस्त केरल जमीयतुल उलेमा, अंजुम कादरी, तैय्यब खान सलमानी, मोहम्मद फजलुर्रहीम, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव, डॉ। मनोज कुमार झा और फैयाज अहमद, सांसद जेडीयू की याचिकाएं प्रमुख हैं।
