


हमले में पाकिस्तान का हाथ, दो लोकल और दो पाकिस्तानी शामिल; तीन संदिग्धों के स्केच जारी
भारत करेगा पलटवार…निशाने पर पीओके में 42 टेरर लॉन्च पैड
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले से पूरे देश में आक्रोश है। इस हमले में अब तक 26 लोगों की मौत हो गई है जबकि 17 लोग घायल बताए गए हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार कुल छह आतंकियों ने वारदात को अंजाम दिया। टीआरएफ कमांडर सैफुल्लाह ने हमले की साजिश रची है। हमले में शामिल चार आतंकियों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। हमले में दो स्थानीय आतंकी और दो पाकिस्तानी आतंकियों की भूमिका की जानकारी मिली है। संदिग्ध आतंकियों के स्केच भी जारी किए गए हैं। सूत्रों का कहा है कि भारत पलटवार करने की रणनीति पर काम कर रहा है। भारत के निशाने पर पीआके में 42 टेरर लॉन्च पैड हैं। इस बीच पाकिस्तानी सेना ने अपनी तरफ के लाइन ऑफ कंट्रोल पर हाई अलर्ट जारी किया है। कश्मीर घाटी में 35 साल में पहली बार आतंकी हमले के खिलाफ बुधवार को बंद रहा। पहलगाम पर्यटन स्थल में हुई हत्याओं के विरोध में बंद के आह्वान का सभी क्षेत्रों के संगठनों ने समर्थन किया। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में अधिकांश दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। उन्होंने बताया कि शहर भर में केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खुली रहीं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक परिवहन भी कम रहा, लेकिन निजी वाहन सामान्य रूप से चल रहे थे।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले पर बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकियों ने रैकी के बाद वारदात को अंजाम दिया था। बताया जा रहा है कि हमले को अंजाम देने में छह आतंकी शामिल थे। जानकारी मिली है कि हमलावरों ने एक से सात अप्रैल तक इस इलाके की रेकी की। सुरक्षाबलों को घटनास्थल से कुछ दूर बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल मिली है। माना जा रहा है कि आतंकियों ने इसका इस्तेमाल किया हो सकता है। इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, एलओसी के पास पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 42 टेररिस्ट लॉन्च पैड एक्टिव हैं। इन लॉन्च पैड पर 110 से 130 आतंकी मौजूद बताए जा रहे हैं। कश्मीर घाटी में 70 से 75 आतंकी एक्टिव हैं। जम्मू के राजौरी में 60 से 65 आतंकी एक्टिव हैं। ये सभी आतंकी पाकिस्तानी हैं। इन आंतकी संगठनों में पाकिस्तान ने सिर्फ चार स्थानीय युवकों की भर्तियां की हैं। भारतीय सुरक्षाबल हर पांचवें दिन एक आतंकी को ढेर कर रही है। अब तक मारे गए 75 आतंकियों में से अधिकतर विदेशी थे। इसमें से 17 आतंकी एलओसी और आईबी से घुसपैठ की कोशिश के दौरान मार गिराए गए जबकि 26 आतंकी मुठभेड़ों के दौरान ढेर कर दिए गए।

