जिला गौण खनिज मद से जिले की 167 शालाओं के प्रस्ताव पर गई दी मंजूरी इन सभी शाला भवनों में 04 करोड़ 12 लाख रुपए से अधिक राशि से सुधार और मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे


दमोह : जिला गौण खनिज मद से जिले की 167 शालाओं के प्रस्ताव पर मंजूरी दी गई। इन सभी शाला भवनों में 04 करोड़ 12 लाख रुपए से अधिक राशि से सुधार और मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे। जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में यह प्रस्ताव सर्व समिति से मंजूर हुए। सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही तय करते हुए सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए गए। जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल और प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री एवं विधायक जयंत कुमार मलैया, विधायक उमा देवी खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सीईओ जिला पंचायत अर्पित वर्मा सहित संबंधित विभागो के अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा सारे प्रस्ताव बन गए हैं, लगभग 412 करोड़ रुपए के प्रस्ताव तैयार हो गए हैं, स्कूल आईडेंटिफाई हो गए। उन्होंने कहा प्रदेश में जिस-जिस मंत्री और विधायक से हमने इस बारे में बात की है कि हमने दमोह में ऐसा कदम उठाया है कि गौण खनिज की राशि से स्कूलों की मरम्मत का कार्य करेंगे, सभी ने इसको एप्रिशिएट किया और सभी ने अपने जिलों में भी इसको लागू करने की बात कही है।
उन्होंने कहा अभी हम गौ वन विहार बना रहे हैं सीतानगर है वहां पर जमीन को आईडेंटिफाई किया है। जिसमें लगभग 10 हजार गौवंश रखने की क्षमता होगी, जिसमें जिले के निराश्रित गौवंश रखे जा सकेंगे। उन्होंने कहा बकरी पालन का सेंटर खोलने की बात की गई है दमोह के लिए लगातार विकास के कार्य होंगे।
उन्होंने कहा हमारा जिला ज्यादातर खेती पर आधारित है, इसके लिए भी हम लोग चाह रहे हैं कि किसान और खेती से जुड़ी हुई इंडस्ट्री यहां खुलें, जिससे लोगों को रोजगार भी मिले और साथ-साथ यहां एक मॉडल बने जो पूरे प्रदेश में और देश में इसको बढ़ाने का काम करें।राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा जो संभागीय समिट होने जा रही है उनमें अच्छा निवेश आया है, लोगों ने इंट्रेस्ट भी दिखाया है। मुझे पूरी उम्मीद है की सागर में 27 सितंबर को होने वाली समिट में मुख्यमंत्री जी रहेंगे और बाहर से इन्वेस्टर आ रहे हैं, निश्चित रूप से बुंदेलखंड के लिए बहुत कुछ मिलने की संभावना है।
प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा बैठक में इनवेस्टर कॉन्क्लेव को लेकर बात हुई और सारे विभागों की समीक्षा भी की गई। विभागों के अधिकारियों से चर्चा की गई, कॉन्क्लेव को लेकर भी चर्चा हुई की उद्योग के क्षेत्र में हम क्या कर सकते हैं, उसके लिए दमोह में पर्यटन की कहां-कहां संभावनाएं है, उसका भी प्रेजेंटेशन बनाया गया और आने वाले समय में दमोह पर्यटन की दृष्टि से कैसे आगे बढ़ेगा इसकी भी रचना योजना बनाकर रीजनल कॉन्क्लेव में रखी जायेगी, निश्चित रूप से चाहे सिंग्रामपुर हो, दमोह में सतधरू के पास जो एक टापू टाइप का है उसमें भी वोटिंग करने की योजना बनाई जा रही है। आने वाले समय में पर्यटन की दृष्टि से दमोह आगे बड़े इसके लिए भी इस रीजनल कॉन्क्लेव में अच्छा विचार विमर्श होगा। उन्होंने कहा दमोह-जबलपुर मार्ग का सुधार कार्य नहीं हो पा रहा था क्योंकि यह एम.पी.आर.डी.सी. और एन.एच. के बीच में मामला फंसा हुआ था, सड़क को एन.एच. के हैंडोवर कर दिया है, एन.एच. के माध्यम से इस मार्ग का कार्य जब तक शुरू नहीं होता है तब तक मार्ग का सुधार किया जाएगा। उसके बारे में निर्देश दिए गये।बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले में संभावित उद्योगों की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने एक जिला एक उत्पाद, राजस्व महाअभियान शिविरों की जानकारी, इन्वेस्टर मीट के संबंध में जिले की कार्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी रखी। उन्होंने कहा एक जिला एक उत्पाद की प्रदर्शनी इन्वेस्टर मीट में प्रदर्शित की जाएगी। श्री कोचर ने जिले में होने वाले निवेश के संबंध में विस्तार से बात रखी। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अर्पित वर्मा ने पीएम आवास ग्रामीण और शहरी के संबंध में विस्तार से जानकारी रखी।
