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इन्दौर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जयकुमार जैन की कोर्ट ने 14 साल पहले इन्दौर की स्कीम-114 स्थित एक स्कूल में सामूहिक रूप से विद्यार्थियों को नकल कराने वाले शिक्षकों को दोषी करार देते एक एक साल के सश्रम कारावास के साथ एक एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। दोषियों ने केन्द्राध्यक्ष भी शामिल हैं। प्रकरण में अभियोजन पैरवी हेमंत राठौर ने की। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि 12 मार्च 2011 को जिला शिक्षा अधिकारी इंदौर ने लसूडिया पुलिस थाने में आवेदन देकर बताया कि स्कीम 114 पार्ट-1 स्थित परीक्षा केंद्र भारतीय बाल मंदिर हाई स्कूल का परीक्षा दौरान निरीक्षण किया। इसकी केंद्राध्यक्ष चंद्रकांता राठौर जो उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कराडिया की प्राचार्य थीं, सहायक केंद्राध्यक्ष अजय पावड़े जो भारतीय बाल मंदिर के प्राचार्य थे, वहां मौजूद थे। इस दौरान टीम ने देखा कि ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न के उत्तर लिखकर व किताबों के माध्यम से सामूहिक नकल कराई जा रही थी। इसमें कक्ष प्रभारी, स्कूल संचालक इत्यादि लिप्त थे। जांच के दौरान धर्मेंद्र चौहान के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर उसे भी आरोपित बना विवेचना उपरांत पुलिस ने चालान कोर्ट में पेश कि जहां सुनवाई करते कोर्ट ने आरोपित अजय पावड़े, चंद्रकांता राठौर, धर्मेंद्र सिंह चौहान को एक-एक वर्ष सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।

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