गोहलपुर में टुकड़ों में मिली हत्या का खुलासा

जबलपुर । गोहलपुर थाना अतंर्गत नंदन विहार त्रिमूर्ति नगर के पास मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस की जांच में पता चला कि यह शव गोराबाजार कजरवारा निवासी परम सिंह का था। पत्नी की हत्या करने के संदेह और जमीन पर गाड़ी खड़ी करने के विवाद की पुरानी रंजिश पर तीन लोगों ने मिलकर परम की हत्या कर दी थी और साक्ष्य छुपाने के लिए उसके शरीर के टुकड़े करके फेक दिए थे| हत्या में शामिल आरोपी उसका पुत्र और दामाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है|
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आनंद कलादगी ने कंट्रोलरुम में पत्रकारों से चर्चा कर बताया कि 13 मई को नंदनविहार त्रिमूर्ति नगर में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी, मृतक का सिर नहीं मिला, दोनों पैर कटे हुए थे पेट भी सामने से कटा हुआ था| हाथ में गुदना से मंजू परम लिखा था| इस आधार पर पुलिस ने पतासाजी की तो पता चला कि कजरवारा निवासी परमसिंह गोंड कई दिनों से लापता है| उसके बाद पुलिस ने उसकी बहन यशोदा बाई, बहनोई रतन सिंह ने मृतक की शिनाख्त कराई, जिस पर मृतक की पहचान कजरवारा निवासी 40 वर्षीय परमसिंह गौंड के रुप में हुई| इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 103(1), 238 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतक परम का राकेश कटारिया से कजरवारा स्थित जमीन में गाड़ी खड़े करने का विवाद था। राकेश की पत्नी को 3 माह पूर्व छत से गिरने से मृत्यु हो गयी थी। राकेश कटारिया को संदेह था कि परम सिह गौड ने उसकी पत्नी की हत्या की है। तभी से राकेश कटारिया ने परम सिंह की हत्या करने की योजना बनाई थी।
राकेश कटारिया ने अपने बेटे सोहेल एवं दामाद राजवीर के साथ मिलकर अपने घर में परम सिंह के साथ बेट से मारपीट कर बाथरूम में ले जाकर कसईया से अंग काट कर साक्ष्य छिपाने की नीयत से परम ठाकुर के शरीर के अंगों को काट काट कर अपने घर के पीछे बने दलदली प्लाट पर फेंक दिया था। जिसके बाद सोहेल एवं राजवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों की निशादेही पर मृतक के शरीर के अन्य हिस्से सिर, हाथ की तलाश की जा रही है| पुलिस को अभी आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त बेट एवं कसईया भी बरामद करना है।
इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में थाना प्रभारी गोहलपु श्रीमति प्रतिक्षा मार्को, उप निरीक्षक किशोर बागरी, सहायक उप निरीक्षक राधेश्याम राय, इसरार खान, रोहण शुक्ला, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र, धर्माजी. राजा भैया, सुरेश, आरक्षक आलोक, गोपाल, अनुराग, समरेन्द्र अमित, अतुल, दिनेश, मुनीत, संजय, रावेन्द्र, सचिन्द्र, अंकुर कौशल की सराहनीय भूमिका रही है।
