
15-20 सशस्त्र नक्सलियों ने जवानों पर किया था हमला
जंगलों में बढ़ाई सर्चिंग, जवानों को किया अलर्ट
बालाघाट। जिले के नक्सल प्रभावित पुलिस चौकी डाबरी अंतर्गत बिलालकसा के जंगल में नक्सलियों और जवानों के बीच एक्सचेंज ऑफ फायर हुआ। जीआरबी डिविजन के करीब 20 नक्सलियों ने सर्चिंग कर रहे जवानों पर फायरिंग कर दी थी। जवानों की जवाबी फायरिंग पर नक्सली मौके पर ही सामान छोडकऱ घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। जवानों ने मौके से दैनिक उपयोग की सामग्री सहित दवाईयां और अन्य जरुरत के सामानों को बरामद किया है। घटना के बाद से जंगल में सर्चिंग बढ़ा दी गई है। जवानों को अलर्ट कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार लांजी थाना क्षेत्र के डाबरी चौकी अंतर्गत जीआरबी डिविजन के 10-15 नक्सलियों के होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान के तहत 20 मई को सीआरपीएफ बी 207 कोबरा और हॉकफोर्स के जवानों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत सर्चिंग अभियान प्रारंभ किया। सर्चिंग अभियान के दौरान दोपहर करीब 2 बजे हॉकफोर्स की टीम बिलालकसा के जंगल में सर्चिंग कर रही थी। जंगलों में सूखे पत्ते होने की वजह से जवानों के टीम की होने की जानकारी नक्सलियों को लग गई। करीब 15-20 सशस्त्र नक्सलियों के समूह ने पुलिस पार्टी को देखकर उन पर 20-30 राउंड फायर कर दिए। जवानों को आत्मरक्षा के लिए पेड़ों व पत्थरों के पीछे आड़ लेनी पड़ी।
सर्च ऑपरेशन कर जब्त की सामग्री
नक्सलियों द्वारा किए गए फायरिंग के बाद जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग कर घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। इस मुठभेड़ के बाद जवानों ने मौका स्थल पर सर्च ऑपरेशन चलाया। वहीं घटना स्थल से नक्सलियों द्वारा उपयोग में लाई जा रही सोलर प्लेट, बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री और दवाईयों को बरामद किया है।
सीआरपीएफ, हॉकफोर्स के जवान कर रहे सर्चिंग
एक्सचेंज ऑफ फायर के बाद जंगलों में सर्चिंग बढ़ा दी गई है। सीआरपीएफ और हॉकफोर्स के जवान सर्चिंग कर रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। ताकि नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम ने दे सकें।
टेरर फंडिंग के लिए नक्सली बढ़ा रहे अपना मूवमेंट
जिले में मौजूदा समय में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य जारी है। ऐसे में नक्सली तेंदूपत्ता ठेकेदारों से टेरर फंडिंग के लिए अपना मूवमेंट बढ़ा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने पहले ही टेरर फंडिंग पर अंकुश लगाने के लिए योजना तैयार कर ली है। संबंधित ठेकेदारों को भी इससे अवगत करा दिया है। इतना ही नहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कैश फ्लो पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है। जिसके चलते नक्सली अपने मंसूबों पर कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। जिले में निर्बाद्ध रुप से तेंदूपत्ता तोड़ाई और संग्रहण का कार्य जारी है। विदित हो कि बीच में नक्सलियों ने तेंदूपत्ता संग्रहण के दरों में वृद्धि किए जाने की मांग को लेकर नक्सल पर्चे व बैनर भी लगाए थे। लेकिन इसका सरकार और स्थानीय प्रशासन पर किसी भी प्रकार का कोई असर नहीं हुआ है।
