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कोई पानी की बोतल के कवर में तो कोई मोजे में छिपाकर लाया था मोबाइल
इंदौर। इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की यूजी सेकंड ईयर की परीक्षाओं में नकल के मामले सामने आए हैं। 20 छात्रों को मोबाइल के जरिए चैट जीपीटी की मदद से नकल करते पकड़ा गया है। इनमें से कोई छात्र पानी की बोतल के कवर में तो कोई मोजे में मोबाइल छिपाकर लाया था। अब तक कुल 51 छात्र नकल करते पकड़े गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक परीक्षा में इन छात्रों ने चैट जीपीटी की मदद से सवाल हल किए। चौंकाने वाली बात यह है कि नकल के आधे से ज्यादा मामले हिंदी-अंग्रेजी, वूमेन एम्पावरमेंट जैसे ऑब्जेक्टिव प्रश्नों वाले पेपर में ही पकड़े गए। जानकारों का कहना है कि ऑब्जेक्टिव प्रश्नों का एक शब्द का जवाब होता है, जिसे चैट जीपीटी के जरिए हल करना आसान है। इधर, यूनिवर्सिटी के स्पेशल ऑब्जर्वर व उड़नदस्तों ने प्रकरण बनाकर रिपोर्ट भेज दी है। दरअसल 16 अप्रैल से डीएवीवी की बीकॉम, बीए, बीएससी सहित अन्य यूजी कोर्स की सेकंड ईयर की परीक्षाएं चल रही हैं। 5 मई तक ये परीक्षाएं खत्म होंगी।
एक परीक्षा सेंटर पर छात्र ने अंग्रेजी की परीक्षा में मोजे से मोबाइल निकाला। चैट जीपीटी से चार प्रश्नों के जवाब पूछे और हल किए, लेकिन मोबाइल दोबारा छिपाने में पकड़ा गया। एक छात्र ने तो पानी की बोतल के कवर से मोबाइल निकाला। सवाल टाइप किए और पकड़ा गया। एक छात्र कमर में लगे बेल्ट के नीचे छोटा स्मार्ट फोन लेकर पहुंचा था। पहला ही सवाल टाइप किया और पकड़ा गया। टीम ने सभी से मोबाइल जब्त कर लिए हैं। अब छात्रों की ओएमआर शीट व उत्तर पुस्तिकाओं में लिखे जवाब से स्मार्ट फोन पर सर्च किए गए सवालों का मिलान होगा। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी की स्पेशल कमेटी छात्रों के जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी।
शिक्षाविदों का कहना है कि यूनिवर्सिटी इन छात्रों के परिणाम रोकेगी। इसके बाद कमेटी का फैसला लागू किया जाएगा। संभावना है कि चैट जीपीटी से नकल करने वाले छात्रों की संबंधित विषय की परीक्षा खारिज की जा सकती है। इसके साथ ही कुछ छात्रों को पूरे सेमेस्टर से भी वंचित किया जा सकता है। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी के मुताबिक 60 स्पेशल ऑब्जर्वर की नियुक्ति के कारण नकल के ऐसे मामले भी पकड़ में आ रहे हैं, जो सामान्य तौर पर अब तक सामने नहीं आ पाते थे।

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