
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए रोजगार, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, जातीय जनगणना और विदेश नीति जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो बड़े पैमाने पर नौकरियां दी जाएंगी और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर एंबुलेंस सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा तथा गरीबों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
पेट्रोल और डीजल में मिलावट के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को निशाने पर लिया। उनका कहना था कि ईंधन में मिलावट की वजह से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कमजोर नीतियों के कारण भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के पास अपनी वैश्विक पहचान को मजबूत करने का अवसर था, जिसे सरकार ने गंवा दिया।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सबसे कड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है तो कथित फर्जी एनकाउंटर मामलों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने भाजपा पर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। जातीय जनगणना को लेकर उन्होंने कहा कि पीडीए वर्गों के दबाव के कारण भाजपा को इस मांग को स्वीकार करना पड़ा।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कोई पहचान नहीं थी। अखिलेश यादव ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश की पहचान पहले भी थी, लेकिन 2017 से पहले योगी आदित्यनाथ की पहचान नहीं थी।
