Spread the love

नई दिल्ली। कांग्रेस नेतृत्व द्वारा बुलाई गई गुरुवार की बैठक का मकसद नीट, सीबीएसई, महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ रणनीति बनाना था। इस बैठक की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कांग्रेस के सभी महासचिव, राज्य प्रभारी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शामिल हुए। हालांकि, चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणी मोदी ने मरवा दिया ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बनीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में हुई बैठक में राहुल गांधी ने पीएम मोदी और उनकी नीतियों की कड़ी आलोचना की। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि बेरोजगारी युवाओं को परेशान कर रही है, परीक्षा पेपर लीक होने से छात्र परेशान हैं, विदेश नीति में कमियों की वजह से महंगाई बढ़ रही है, जिससे आम और गरीब नागरिक परेशान हैं। किसान अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर चिंतित हैं और संविधान की अनदेखी करके लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
इसी दौरान लोगों की मुश्किल हालत का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने मरवा दिया। आम बोलचाल की हिंदी में मरवा दिया मुहावरे का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी पर भरोसा करने की वजह से किसी को नुकसान या मुश्किल का सामना करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी इसी लाक्षणिक अर्थ में इस मुहावरे का इस्तेमाल कर रहे थे। राहुल पहले भी कह चुके हैं कि अर्थव्यवस्था की हालत इतनी खराब हो जाएगी कि एक साल बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।
यह बैठक टीएमसी से जुड़े बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हुई है। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के बीच हालिया मुलाकातों ने विपक्ष की एकजुटता को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने संगठनात्मक मजबूती और लचीलेपन की जरूरत पर जोर दिया। खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो नेशनल लेवल पर बीजेपी और आरएसएस का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में सक्षम है।
रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से लोगों तक पहुंचने की कोशिशें तेज करने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर जनता की बढ़ती नाराजगी विपक्ष के लिए आम नागरिकों से जमीनी स्तर पर जुड़ने का एक मौका है। कांग्रेस ने महंगाई, बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और एग्जाम के पेपर लीक जैसे मुद्दों पर एक देशव्यापी अभियान शुरू करने की योजना का ऐलान किया है।
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि यह अभियान सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसे राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर भी चलाया जाएगा। जहां भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, कांग्रेस पार्टी उन तक पहुंचेगी, उनकी चिंताओं को समझेगी और उनके अधिकारों के लिए लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी विरोध के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर सीधे उन लोगों से जुड़ेगी, जो मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम उन लोगों से मिलेंगे जो परेशानियां झेल रहे हैं, उनके दुख को साझा करेंगे और लगातार चलने वाले जन-अभियानों और आंदोलनों के जरिए उनकी आवाज राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हर नेता और कार्यकर्ता को इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और सड़कों पर उतरना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *