
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस मुद्दे पर उसके पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस वार्ता में कहा, इस विषय पर मेरे पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। यह बयान उस समय आया है जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के पीछे भारत-विरोधी विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है। इसी तरह के आरोप पार्टी के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने भी लगाए थे।

वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शनकारियों को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों और सरकार के आलोचकों ने इन आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि आंदोलन वास्तव में विदेशी ताकतों से प्रभावित होता, तो केंद्र सरकार आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत क्यों करती। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की। बैठक के बाद सीजेपी नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने उनकी तीन में से दो मांगों को सिद्धांततः स्वीकार कर लिया है, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विचार के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है। दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत भी प्रस्तावित है। फिलहाल विदेशी फंडिंग के आरोपों पर केंद्र सरकार ने किसी भी तरह की पुष्टि या विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है।
