Spread the love

राघव चड्ढा के जाने के बाद सजग हुई आम आदमी पार्टी
गोवा । आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नेताओं के दल-बदल को लेकर सख्ती बरतने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की है कि भविष्य में किसी भी नेता को राज्यसभा भेजने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच की जाएगी। यह बड़ा बदलाव ऐसे समय में आया है जब आप के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी बदलकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है, जिनमें राघव चड्ढा, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने कहा, अब तक हमारे चुने हुए नेताओं ने कभी किसी को भी धोखा नहीं दिया है। उन्होंने गोवा का उदाहरण देते हुए कहा, गोवा में हमारे पास 2022 में दो विधायक थे। भाजपा को सिर्फ एक विधायक की जरूरत थी, लेकिन वे हमारे विधायकों को नहीं तोड़ पाए।
हालांकि, राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने को केजरीवाल ने एक बड़ा सबक बताया है। उन्होंने कहा, राज्यसभा के मामले में यह हमारे लिए सबक है। अब किसी को भी राज्यसभा भेजने से पहले हम उनकी कड़ी जांच पड़ताल करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि वे सही हैं या नहीं। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी भी नेता का नाम नहीं लिया। अप्रैल में आप के सात सांसदों ने पार्टी से अलग होकर भाजपा में विलय कर लिया था। राघव चड्ढा के अलावा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी, स्वाती मालीवाल, हरभजन सिंह और राजेंद्र गुप्ता का नाम इसमें शामिल था। इस टूट से पहले भारत के उच्च सदन में आप के सांसदों की संख्या 10 थी, लेकिन दो तिहाई से ज्यादा सदस्यों के अलग होने के बाद महज 3 बचे हैं, जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
हाल ही में आप और राघव चड्ढा के बीच उनके मतदाता सूची में नाम कटने को लेकर जमकर विवाद भी देखने को मिला था। दरअसल, पंजाब में एसआईआर (समरी रिवीजन ऑफ इलेक्टोरल रोल्स) प्रक्रिया के दौरान मसौदा मतदाता सूची से चड्ढा का नाम कट गया था, जिसके आरोप उन्होंने आप सरकार पर लगाए थे। चड्ढा ने कहा था, पंजाब की आप सरकार अब बदले की राजनीति को मसौदा मतदाता सूची तक ले आई है। मैं पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सदस्य हूं और मेरा मतदाता पहचान पत्र पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है। इसके बावजूद मसौदा मतदाता सूची में मेरे नाम के आगे स्थानांतरित लिखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि आप सरकार के अधिकारियों ने ही उनके नाम को स्थानांतरित के तौर पर चिह्नित और सत्यापित किया।इस पर आप ने जवाब देते हुए कहा था, यह सार्वजनिक जानकारी है कि राघव चड्ढा दिल्ली में रह रहे हैं, पंजाब में नहीं। अगर वह अब पंजाब में नहीं रहते हैं तो अपने मतदाता पंजीकरण को बनाए रखना या उसे दूसरी जगह स्थानांतरित करवाना उनकी अपनी जिम्मेदारी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *