24 घंटे में निकालने और दंडात्मक कार्रवाई का दिया आदेश

इन्दौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस जस्टिस संदीप एन भट्ट की पीठ ने शहर में अवैध तरीके से बेतरतीब और खतरनाक ढंग से बिना अनुमति लगाए गए राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक बैनर-होर्डिंग्स को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई उपरांत नाराजगी जताते उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के आदेश और राज्य शासन की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने आदेश दिया कि अवैध बैनर या होर्डिंग की शिकायत मिलने पर निगमायुक्त को 24 घंटे के भीतर उसे हटाने और बैनर लगाने वालों पर पुलिस को दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी।शहर में अवैध तरीके से लगे बैनर-होर्डिंग्स के खिलाफ हाइकोर्ट में यह याचिका एसएस एडवरटाइजिंग प्रालि ने दायर करते कोर्ट को बताया कि शहर में अधिकृत विज्ञापन संरचनाओं और सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति राजनीतिक, धार्मिक एवं सामाजिक बैनर-होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं। जबलपुर हाईकोर्ट की युगलपीठ के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा। याचिका सुनवाई दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विशाल बाहेती ने याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते दलील दी कि कंपनी ने निगम को तय शुल्क और राजस्व का भुगतान कर विधिवत अनुमति लेकर शहर में यूनिपोल, लॉलीपॉप और अन्य आउटडोर विज्ञापन संरचनाओं पर विज्ञापन लगवाने की अनुमति ली है। बिना अनुमति बैनर और होर्डिंग लगाने से कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही कैमरों की चोरी और स्ट्रक्चर भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया, अवैध बैनर लगाने वाले कई लोग प्रशिक्षित नहीं होते और सुरक्षा उपकरणों के बिना ऊंचाई पर चढ़ जाते हैं। इससे उनके जीवन पर गंभीर खतरा बना रहता है। जबलपुर में इसी तरह की एक घटना में व्यक्ति की मौत का भी उल्लेख किया। जिस पर कोर्ट ने राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और जबलपुर डिवीजन बेंच के आदेश का अक्षरशः पालन करने के साथ उक्त आदेश जारी किया।
