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दमोह । प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण जरूरी है। वितरित खाद्यान्न का डाटा भारत सरकार के अन्न वितरण पोर्टल पर भेजने के बाद ही राज्य को अनुदान मिलता है। इसमें ऑफलाइन खाद्यान्न वितरण के निर्देश नहीं हैं। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना देश में कोविड​​​-19 के अचानक फैलने से हुए आर्थिक व्यवधानों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के विशिष्ट उद्देश्य से शुरू की गई थी। कोविड संकट के मद्देनजर, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निःशुल्क खाद्यान्न का आवंटन नियमित आवंटन के अतिरिक्त था। श्री राजपूत ने बताया कि अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) परिवार और प्राथमिकता वाले परिवार (पीएचएच) लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार प्रति माह प्रति एएवाई परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न और प्राथमिकता वाले परिवार के मामले में प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम खाद्यान्न 1 जनवरी, 2024 से अगले पांच वर्षों के लिए निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराना जारी रखने का निर्णय लिया गया था। श्री राजपूत ने कहा कि जन कल्याण में जुटी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने यह निर्णय लाभार्थियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए और गरीबों की खाद्यान्न तक पहुंच को मजबूत करने एवं सभी राज्यों में एकरूपता बनाए रखने के लिए लिया था। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव की सरकार भी गरीब कल्याण की दिशा में बेहतर कार्य कर रही है।

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