Spread the love

नई दिल्ली। गुजरात में हुए मनरेगा घोटाले पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार के पंचायती राज मंत्री के बेटों ने कंपनियां बना कर दाहोद में मनरेगा का काम लिया, लेकिन काम नहीं किया और 71 करोड़ रुपए हड़प लिए। अब वे पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन भाजपा ने अपने मंत्री का न इस्तीफा लिया और न कोई कार्रवाई की। वहीं, अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में पंजाब की आप सरकार ने भ्रष्टाचार की जानकारी होते ही अपने विधायक को गिरफ्तार करा दिया।
मनीष सिसोदिया ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि पंजाब में शुक्रवार को जब “आप” के एक विधायक ने जनता के साथ गड़बड़ की और भ्रष्टाचार किया, तो भगवंत मान की सरकार ने अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में तत्काल कार्रवाई की।
सिसोदिया ने आगे कहा कि “आप” की सरकार ने अपने ही विधायक के खिलाफ कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती। यही अरविंद केजरीवाल की राजनीति है और यही भगवंत मान की सरकार का मंत्र रहा है। साथ ही दिल्ली में उनकी सरकार का भी यही उद्देश्य था कि भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। भ्रष्टाचार में कोई भी लिप्त पाया जाएगा और जनता के साथ गद्दारी करेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कहीं हो और कोई भी हो।
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि गुजरात के दाहोद में मनरेगा में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मीडिया में भी थोड़ा-बहुत चर्चा में आया कि गुजरात के पंचायती राज मंत्री बच्चूभाई खाबड़ के बेटों ने अपने ही पिता के विभाग के पैसे उड़ा दिए। दाहोद में 71 करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला हुआ है। मंत्री बच्चू भाई खाबड़ के बेटे बलदेव और किरण और उनका भतीजा भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए हैं।
मनीष सिसोदिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री खुद अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं और उनके बेटे उनके ही विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप में गुजरात पुलिस की गिरफ्त में हैं, तो मंत्री जी का इस्तीफा क्यों नहीं लिया जा रहा? भाजपा अपने मंत्री से इस्तीफा क्यों नहीं ले रही? इसके पीछे क्या वजह है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *