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पार्टी नेताओ सहित नेता प्रतिपक्ष ने एडीजी इंटेलिजेंस से की मामले में जांच की मांग
भोपाल। इदौंर शहर के तेजाजी नगर थाने में दर्ज एफआईआर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी और नाना पटवारी के नामो को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओ ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ पीएचक्यू पहुंचकर डीजीपी को पत्र लिखते हुए गंभीर आपत्ति जताई है। कांग्रेस का आरोप है, कि 26 मई को दर्ज एफआईआर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी और नाना पटवारी का नाम दुर्भावनापूर्वक शामिल किया गया है, जबकि उनका उस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है। कॉग्रेंस नेताओ ने पत्र के जरिये मांग की है, कि “अखिल भारतीय यादव समाज पब्लिक ट्रस्ट” से जुड़ी भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन निर्दोष लोगों भरत पटवारी, नाना पटवारी एवं कांग्रेस नेता सदाशिव यादव के नाम बिना कारण एफआईआर में जोड़े गए हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। डीजीपी कार्यालय पहुचें काग्रेंस नेताओ ने कहा की कि यह मामला “अखिल भारतीय यादव समाज पब्लिक ट्रस्ट” की भूमि को लेकर है। जिस पर फरियादी नरेन्द्र मेहता और ट्रस्ट के बीच पहले से विवाद चल रहा है। ट्रस्ट के ट्रस्टियों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बड़े भाई नारायण यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता राधेश्याम यादव, तथा आरएसएस से जुड़े प्रमुख व्यक्ति राकेश यादव शामिल हैं। ट्रस्ट में कांग्रेस से जुड़े केवल दो सदस्य सदाशिव यादव और पुरुषोत्तम यादव हैं। यह मामला मूलतः ट्रस्ट संपत्ति का है और सिविल प्रक्रिया के तहत न्यायालय में हल होना चाहिए था, लेकिन सत्ता का दुरुपयोग कर इसे आपराधिक रंग देने की कोशिश की गई है। एफआईआर में 25 मार्च की घटना का उल्लेख है, जबकि उसे दर्ज 26 मई को किया गया यानि दो महीने बाद। कांग्रेस का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक दुर्भावना का मामला है। पीएचक्यू पहुचें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ विधायक आरिफ मसूद, पूर्व मंत्री मुकेश नायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव, महामंत्री गौरव रघुवंशी और चुनाव आयोग प्रभारी जे.पी. धनोपिया सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।

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