
कान्हा नेशनल पार्क के सुलकुम नदी बेलवाले कक्ष क्रमांक 119 बीट मुंडीदादर का मामला
बालाघाट। कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र में एक मादा बाघ की मौत की घटना सामने आई है। बाघ का शव दो पत्थरों के बीच फंसा हुआ पाया गया। एनटीसीए नई दिल्ली और कार्यालय मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रेदश भोपाल से जारी दिशा-निर्देश अनुरूप त्वरित कार्यवाही की गई। घटना स्थल को सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल और उसके आस-पास छानबीन की कार्यवाही की गई। डॉ. संदीप अग्रवाल वन्यप्राणी चिकित्सक कान्हा टाइगर रिजर्व मण्डला, डॉ. आशीष वैध पशु विकित्सक पशु चिकित्सालय बैहर के द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया है। वन्यजीव बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए।
कान्हा टाईगर रिजर्व क्षेत्र संचालक रविन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि यह घटना सुलकुम नदी बेलवाले कक्ष क्रमांक 119 बीट मुंडीदादर वन परिक्षेत्र कान्हा की है। मंगलवार को एक वन्यजीव मादा बाघ उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष का शव बरामद किया गया। जिसका मौके पर निरीक्षण करने पर मृत बाघ दो पत्थरों के बीच बुरी तरह से फंसा हुआ पाया गया। प्रोटोकॉल अनुसार पोस्टमार्टम के साथ शव के सैम्पल, फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए। निर्धारित प्रक्रिया अनुसार शवदाह भस्मीकरण की कार्यवाही अधिकारियों की उपस्थिति में की गई है। प्रकरण में एनटीसीए के प्रोटोकॉल अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
इस कार्यवाही के दौरान क्षेत्र संचालक रविन्द्रमणि त्रिपाठी, पुनील गोयल उपसंचालक (कोर), अजय ठाकुर सहायक संचालक बंजर, वन्यजीव चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ आशीष वैद्य पशु चिकित्सक बैहर, शंकर मेरावी तहसीलदार बिछिया, श्यामवती उइके सरपंच खटिया, एनटीसीए के प्रतिनिधि डीकेश चौधरी कार्बेट फाउण्डेशन की उपस्थिति में की गई।
