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धार्मिक मानचित्र पर चमकेगा श्री हनुमान लोक; अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में रामराज के सपने हो रहे साकार
  • 65.24 करोड़ की लागत से दूसरे चरण के कार्यों को जल्द किया जाएगा पूर्ण
    पांढुर्णा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार तीर्थों, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में उपजी सांस्कृतिक चेतना का मध्यप्रदेश जीवंत साक्षी बन रहा है। इसी कड़ी में प्रभु श्रीराम के प्राकट्य पर्व की मंगल बेला पर पांढुर्णा के जामसांवली में रघुकुलनंदन के परम भक्त हनुमान जी के दिव्यधाम श्री हनुमान लोक के पहले चरण का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह लोक सुशासन और जनकल्याण के माध्यम से प्रदेश में रामराज की संकल्पना को सिद्ध करेगा।
    :: सेवा और समर्पण का प्रतीक बनेगा जामसांवली ::
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, पवन पुत्र हनुमान लोक मंगल, विनम्रता और सेवा भाव के प्रतीक हैं। हनुमान जी ने सिखाया कि सच्चा बल वही है जो अहंकार मुक्त होकर सेवा में लगे। जामसांवली का श्री हनुमान लोक इन्हीं मानवीय मूल्यों और एकाग्रता के विचारों को जीवंत करेगा। प्रथम चरण के अंतर्गत भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, प्लाजा और मंदिर परिसर तक चिरंजीवी पथ का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जहाँ हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं।
    :: दूसरे चरण में खर्च होंगे 65 करोड़, विकसित होंगी ये सुविधाएं ::
    मुख्यमंत्री की पहल पर जल्द ही 65 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से दूसरे चरण के निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके अंतर्गत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष निर्माण होंगे:
  • भक्ति सागर एवं प्रवचन हॉल : आध्यात्मिक चर्चा और सत्संग के लिए विशाल स्थान।
  • संस्कृत महाविद्यालय एवं यज्ञशाला : प्राचीन विद्या और संस्कारों के संरक्षण का केंद्र।
  • भोजशाला और धर्मशाला : दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था।
  • पार्किंग एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं : सुगम दर्शन के लिए आधुनिक प्रबंध।
    :: धार्मिक टूरिज्म से बदलेगी जिले की तस्वीर ::
    पांढुर्णा अब तक केवल संतरा उत्पादन केंद्र के रूप में पहचाना जाता था, लेकिन श्री हनुमान लोक के निर्माण से यह प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी।
    :: प्रदेशभर में बन रहे आस्था के लोक ::
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लोक निर्माण की एक नई क्रांति देख रहा है। श्री महाकाल लोक की सफलता के बाद अब राज्य के अन्य प्रमुख केंद्रों का कायाकल्प हो रहा है:
  • महेश्वर में अहिल्या लोक और मंदसौर में पशुपतिनाथ लोक।
  • दतिया में पीतांबरा माई महालोक और सलकनपुर में देवी महालोक।
  • जानापाव में परशुराम लोक, पन्ना में जुगल किशोर लोक, आगर में बाबा बैजनाथ लोक और अमरकंटक में माँ नर्मदा महालोक।
    इन परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश न केवल अपनी आध्यात्मिक विरासत को सहेज रहा है, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक गौरव के नए केंद्र भी स्थापित कर रहा है।

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