
शाजापुर । आज के डिजिटल युग में जहां साइबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं शाजापुर पुलिस ने आम जनता को एक बड़ी सहूलियत दी है। अब किसी भी नागरिक के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होने या मोबाइल चोरी होने पर उन्हें मदद के लिए जिला मुख्यालय स्थित साइबर सेल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला की एक अभिनव पहल के चलते अब जिले के हर थाने में साइबर पुलिस इकाई की शुरुआत कर दी गई है। इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए पुलिस विभाग ने नव-नियुक्त आरक्षकों को विशेष रूप से साइबर अपराधों से निपटने का कड़ा प्रशिक्षण दिया है। इन प्रशिक्षित जवानों को जिले के सभी थानों में पदस्थ किया गया है। ये पुलिसकर्मी अब अपने-अपने थानों में ही साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों को सुनेंगे, ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में पीडि़तों को सही मार्गदर्शन देंगे और शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निराकरण करेंगे।
गुम हुआ मोबाइल अब थाने से ही हो सकेगा ब्लॉक
नई व्यवस्था के तहत अब थानों में ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर तुरंत काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही, आम लोगों को सबसे बड़ी राहत सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल के इस्तेमाल से मिलेगी। यदि किसी का मोबाइल फोन चोरी हो जाता है या गुम हो जाता है, तो उसे ब्लॉक कराने और उससे जुड़ी आगे की कानूनी कार्रवाई अब सीधे स्थानीय थाने से ही पूरी की जा सकेगी।
आधुनिक पुलिसिंग की ओर बढ़ते कदम
इस महत्वपूर्ण पहल के संबंध में एसपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि तकनीक के इस दौर में पुलिस को भी अपडेट रहना जरूरी है। हर थाने में साइबर प्रशिक्षित जवानों की तैनाती से साइबर अपराधों पर तेजी से लगाम कसी जा सकेगी। इससे न केवल शिकायतों का जल्दी निपटारा होगा, बल्कि ठगी का शिकार हुए लोगों को समय रहते सहायता मिल सकेगी, जिससे उनके पैसे वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। शाजापुर पुलिस का यह कदम तकनीक आधारित स्मार्ट और आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिसका सीधा फायदा आम नागरिकों को मिलेगा।
