
मंडला। वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भुआ बिछिया श्रीमती मीनल गजवीर की अदालत ने मामले में 5 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 2-2 वर्ष के कारावास और 8-8 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जानकारी अनुसार यह घटना विगत 20 दिसंबर 2017 की सुबह लगभग 4 बजे की है। वन विभाग को आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1456-1457 के बीच हालोन नदी से ट्रैक्टरों द्वारा अवैध रूप से रेत चोरी किए जाने की मुखबिर से सूचना मिली थी। इस पर वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रीमती शोभना वर्मा के नेतृत्व में वनपाल सुखराम सिंह धुर्वे और वनरक्षक हिदायत अहमद खान, मुकेश हरदहा, नंदकुमार नंदा व अनिल परते की टीम मौके पर पहुंची। बताया गया कि जब वन अमले ने आरोपियों को ट्रैक्टर में रेत भरने से रोका, तो आरोपी मयंक गोस्वामी, अभय साहू, प्रवीण हुकुम, दिनेश उपाध्याय और विपिन श्रीवास्तव भड़क गए। उन्होंने टीम के साथ गाली-गलौज और मारपीट की और शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए जान से मारने की धमकी दी। वारदात के बाद सभी आरोपी अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए थे।
इस घटना को लेकर थाना बिछिया में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 395/2017 के तहत धारा 294, 323, 506, 186, 353, 332 एवं 34 (भादंवि) में मामला दर्ज कर विवेचना की गई। विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों व तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने भुआ बिछिया निवासी सभी पांचों आरोपी मयंक गोस्वामी, अभय साहू, प्रवीण उर्फ बापू हुकुम, दिनेश उपाध्याय और विपिन श्रीवास्तव को दोषी पाया। सभी को अलग-अलग 2-2 साल की सजा और 8-8 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कामेन्द्र सिंह परस्ते ने की।
