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प्रवर्तन निदेशालय की हर 12वीं कार्रवाई हो रही है मप्र में
भोपाल । मप्र में काली कमाई के धनकुबेर हमेशा से जांच एजेंसियों के टारगेट पर रहते हैं। लेकिन 6 महीनों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मप्र में काली कमाई के मामलों में रिकॉर्डतोड़ कार्रवाई की है। ये कार्रवाइयां दर्शाती हैं कि ईडी मप्र में काले धन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े लोगों पर लगातार शिकंजा कस रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन दिनों ईडी की नजर प्रदेश के कई ऐसे धन कुबेरों पर है, जिन पर पहले ही लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, ईडी, आयकर अथवा सीबीआई जैसी एजेंसियां कार्रवाई का सामना कर चुके हैं या जिनके मामलों को विभिन्न जांच एजेंसियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था। आंकड़े बताते हैं कि धनकुबेरों पर हो रही ईडी की हर 12वीं कार्रवाई मप्र में हो रही है।
गौरतलब है कि ईडी ने आर्थिक अनियमितताओं के मामले में पिछले छह माह में देशभर में 457 कार्रवाई की हैं, इसमें करीब नौ फीसदी (39) कार्रवाई मप्र में हुई हैं। ये कार्रवाइयां खासतौर पर धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), विदेशी मुद्रा विनिमयन अधिनियम (फेरा), भगोड़ा आर्थिक अपराध अनिनियम (एफईओए) एवं विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम के तहत की हैं। अगर ईडी की कार्रवाईयों का आकलन करें तो यह साफ है कि ईडी की नजर प्रदेश के कई ऐसे धन कुबेरों पर है, जिन पर पहले ही लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, ईडी, आयकर अथवा सीबीआई जैसी एजेंसियां कार्रवाई का सामना कर चुके हैं या जिनके मामलों को विभिन्न जांच एजेंसियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
भोपाल-इंदौर केंद्रित कार्रवाईयां
जानकारों का कहना है कि राजधानी भोपाल और इंदौर के कई चर्चित मामलों में कार्रवाई की है, जो पहले दूसरी जांच एजेंसियों से राहत पाने में कमोबेश सफल हो गये थे। इस तरह के तमाम उदाहरण दिये जा सकते हैं। ईडी ने अपनी कार्रवाई के तहत संबंधित अभियुक्तों की संपत्तियां स्थाई और अस्थाई संपत्तियां कुर्क की हैं। प्रदेश में ईडी की जितनी कार्रवाइयां हुई हैं, वह सभी भोपाल और इंदौर में केंद्रित रही हैं। शेष महानगर अभी कार्रवाइयों से अछूते हैं।
गत वर्ष की गई कार्रवाई
प्रदेश में ईडी ने 2025 में कड़ी संख्या में कार्रवाई की है। 3 अक्टूबर को जनपद पंचायत सिरोंज के पूर्व सीईओ शोभित त्रिपाठी मामले में भोपाल, विदिशा, कटनी, छतरपुर में छापे मारे गए और दस्तावेज जब्त कर 21.7 लाख के खाते फ्रीज किए गए। 3 अक्टूबर को ही शराब चालान घोटाले में अंश त्रिवेदी और राजू दशवंत की गिरफ्तारी की गई। 29 अक्टूबर को नारायण निर्यात इंडिया से जुड़ी कंपनियों की 1.14 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई।7 नवम्बर को धनंजय चतुर्वेदी दंपत्ति की 1.31 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। 17 नवम्बर को एडवांटेज ओवरसीज केस में दुबई की 51.70 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई। 28 नवम्बर को मनोज परमार केस में 2.08 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। 29 नवम्बर को एडवांटेज ओवरसीज से जुड़ी 111.32 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई। 5 दिसम्बर को एफसीआई कर्मचारी किशोर मीणा के खिलाफ 4.05 करोड़ के मामले में शिकायत दर्ज की गई। 5 दिसम्बर को ही नारायण निर्यात इंडिया व अन्य के खिलाफ पीएमएलए केस दर्ज किया गया। 25 दिसम्बर को रुचि समूह मामले में इंदौर-मुंबई में छापे; नकदी व खाते फ्रीज किए गए। 30 दिसम्बर को एस. कुमार्स केस में लंदन स्थित 150 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। 30 दिसम्बर को आरटीओ संतोष पॉल दंपत्ति की 3.38 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई।
इस साल अब तक की कार्रवाई
9 जनवरी को सिंगरौली में रिश्वत मामले में शैलेन्द्र पंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज किया गया। 19 जनवरी को जिला पंजीयक सोबरन सिंह अपौरिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 28 जनवरी को राजेश कोठारी केस में 1.30,91,803 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। 28 जनवरी को मार्क पियस करारी सहित अन्य के खिलाफ शिकायत, नोटिस जारी किया गया। 28 जनवरी को बीएड कॉलेज छतरपुर के पूर्व प्राचार्य के खिलाफ केस दर्ज कर नोटिस जारी किया गया। 29 जनवरी को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में संभागीय उप-निदेशक रहे अशोक शर्मा के विरुद्ध एक अभियोजन शिकायत दायर कर न्यायालय से नोटिस जारी किया गया। 29 जनवरी को 20.47 करोड़ फर्जी भुगतान केस में कमल राठौर सहित 6 आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया। 30 जनवरी को जल संसाधन विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव स्व. अरविंद जोशी से जुड़ी 5 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई। 30 जनवरी को जगदंबा ऑटोमोटिव्स केस में 45 करोड़ की रिकवरी में मदद की गई। 30 जनवरी को किशोर वधवानी, नितेश वधवानी, श्रीमती पूनम वधवानी और मेसर्स दबंग दुनिया पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में केस दर्ज किया गया। 2 फरवरी को इंदौर नगर निगम के पूर्व कर्मचारी चेतन पाटिल की 39.91 लाख की संपत्ति कुर्क की गई। 4 फरवरी को डाक विभाग के अशोक सोनी के खिलाफ शिकायत, नोटिस जारी किया गया। 6 फरवरी को अजय तिडके केस में अभियोजन शिकायत, नोटिस जारी किया गया। 6 फरवरी को वेदप्रकाश श्रीवास्तव दंपत्ति की 1.58 करोड़ संपत्ति कुर्क की गई। 10 फरवरी को सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार और उनके परिवार की 1.06 करोड़ संपत्ति कुर्क की गई। 12 फरवरी को श्रीकांत घांटे केस में 64.16 लाख की संपत्ति कुर्क की गई। 12 फरवरी को आदिम जाति कल्याण विभाग, जबलपुर के पूर्व उप निदेशक जगदीश सरवट की 11.81 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। 12 फरवरी को स्टीलटच रिसोर्सेज से जुड़ी 10.15. करोड़ संपत्ति कुर्क की गई। 17 फरवरी को एग्रोट्रेड एंटरप्राइजेज से जुड़ी उमेश शाहरा की पत्नी श्रीमती नीता शाहरा की 5.13 करोड़ संपत्ति कुर्क की गई। वहीं 10 मार्च को पश्चिम रेलवे के पूर्व मंडल अभियंता स्वर्गीय वेदप्रकाश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी श्रीमती विभा वेदप्रकाश श्रीवास्तव के खिलाफ केस में अभियोजन शिकायत, 1.58 करोड़ संपत्ति कुर्क की गई। 13 मार्च को जयश्री गायत्री फूड के संचालक किशन मोदी गिरफ्तार। 20.59 करोड़ रुपये कीमत की 11 अचल संपत्तियां 17 मार्च को कुर्क की गई। 18 मार्च को अजा कल्याण विभाग जबलपुर के पूर्व उप निदेशक जगदीश सरवटे के खिलाफ कोर्ट में शिकायत दाखिल की गई। 19 मार्च को राजुल ग्रुप, जबलपुर और उसके पार्टनर प्रियंक मेहता पर छापा, 31 लाख जब्त किए गए ।

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