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45 दिनों तक चले इस शिविर में 800 से अधिक अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण
बालाघाट। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार, एसपी नगेंद्र सिंह और एएसपी विजय डावर के मार्गदर्शन में पुलिस कंट्रोल रुम बालाघाट में नवीन आपराधिक कानूनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 2024 से लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 पर आधारित रहा। इस प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्रों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को नवीन कानूनी प्रावधानों, तकनीकी संसाधनों और व्यावहारिक प्रक्रियाओं की गहन जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस अब एक उत्तरदायी, आधुनिक और संवेदनशील सेवा बल के रूप में कार्य करेगी।
एसपी नगेंद्र सिंह ने बताया कि यह 45 दिवसीय कानूनी प्रशिक्षण शिविर था। जिसमें 800 से अधिक पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। नये अधिनियमों के अंतर्गत गंभीर अपराधों की जांच तेजी से पूरी होगी और पीडि़तों को जल्दी न्याय मिलेगा। डिजिटल साक्ष्यों को कानूनी मान्यता मिलने से जांच अधिक पारदर्शी और सटीक होगी। एफआइआर दर्ज करना आसान हो गया है। इसे ऑनलाइन या किसी भी थाने में किया जा सकता है। पीडि़तों को जरूरी दस्तावेज तय समय में मिलेंगे। चार्जशीट और साक्ष्य प्रक्रिया अब समयबद्ध और डिजिटल होगी। साथ ही नए अपराधों की स्पष्ट परिभाषा से पुलिस कार्रवाई अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि बालाघाट पुलिस आम नागरिकों को विश्वास और सुरक्षा का वातावरण प्रदान करने हेतु संकल्पित है। यह प्रशिक्षण इसी दिशा में एक सशक्त कदम है।
पुलिस कंट्रोल रुम में आयोजित प्रशिक्षण में एएसपी विजय डावर, एसडीओपी वारासिवनी अभिषेक चौधरी, एसडीओपी परसवाड़ा अरविंद कुमार शाह, वैज्ञानिक अधिकारी गौतम मेश्राम, जिला लोक अभियोजन अधिकारी बालाघाट कपिल डेहरिया , लोक अभियोजन अधिकारी (अजाक) बालाघाट प्रदीप भटेले, निरीक्षक संजय उइके फिंगर प्रिंट प्रभारी बालाघाट, निरीक्षक नितिन पटले थाना प्रभारी लामता, प्रआर भूपेन्द्र साकरे ने प्रशिक्षण दिया।

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