
जबलपुर। अपर सत्र न्यायाधीश निशा विश्वकर्मा की अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को दोषी पाते हुए 10 साल की कैद सजा सुनाई साथ ही 12 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया| अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी पचपेढ़ी निवासी दीपक किसपोट्टा ने एक बैंक कर्मी के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया| इस मामलें में सिविल लाईन पुलिस ने महिला बैंक कर्मी की शिकायत पर धारा 376 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया| मामलें में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से पैरवी करते हुये लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने न्यायालय को बताया कि फरियादिया एक बैंक में नौकरी करती है और आरोपी ने उसके साथ ही बैंक की सर्विस हेतु ट्रेनिंग की थी तभी से दोनों के बीच पहचान थी। आरोपी ने विवाह का प्रलोभन देकर 7 जून 2016 को अपने सूने घर में फरियादिया को बहला फुसला कर ले गया और उसकी इच्छा के विरूध बल पूर्वक बलात्कार किया था और विवाह करने से इंकार कर दिया था। प्रकरण थाने में पंजीबद्ध उपरांत पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और चालान न्यायालय के समक्ष पेश किया था।
