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भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग में धांधली पर शिकंजा कसने उठाया कदम

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग में धांधली पर शिकंजा कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जो यूजर्स अपने आईआरसीटीसी अकाउंट को चालू रखना चाहते हैं, उनको अब सत्यापन करवाना होगा। भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए ऑटोमेटेड टूल्स के इस्तेमाल के खिलाफ कैंपेन शुरू किया है। इस कोशिश के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्पेशल तौर से निगरानी कोशिशों के जरिए रेलवे ने पिछले 6 महीनों में 24 मिलियन से ज्यादा यूजर्स को डीएक्टिवेट और ब्लॉक कर दिया है।
इसके अलावा करीब 2 मिलियन अन्य अकाउंट्स को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया। चिन्हित अकाउंट्स और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है। मौजूदा वक्त में आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर 130 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, जिनमें सिर्फ 12 मिलियन ही आधार-वेरिफाइड हैं। आईआरसीटीसी ने उन सभी अकाउंट्स के लिए सत्यापन कराने का फैसला लिया है, जो आधार से प्रमाणित नहीं हैं। संदिग्ध पाए जाने वाले अकाउंट्स को बंद कर दिया जाएगा। रेलवे यह तय करना चाहता है कि वास्तविक यात्रियों को सभी तरह के तत्काल टिकट मिल सकें।
अपने अकाउंट्स को आधार से लिंक करने वाले यूजर्स को तत्काल टिकट बिक्री के पहले 10 मिनट में बुकिंग मिले जाएगी। यहां तक ​​कि अधिकृत आईआरसीटीसी एजेंट्स को भी तत्काल खिड़की खुलने के पहले 10 मिनट में टिकट बुक करने की छूट नहीं है। इसलिए आधार कार्ड के जरिए अपने आईआरसीटीसी अकाउंट को वेरिफाई करना जरूरी हो गया है।
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकटिंग प्रोसेस को और ज्यादा मजबूत बनाने की योजना पर काम कर रहा है, इसके लिए कुछ नियमों को और ज्यादा सख्त बनाया जा रहा है। जैसे केवल आधार वेरिफाइड अकाउंट्स को ही ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति होगी, बुकिंग के लिए आधार कार्ड आधारित ओटीपी ऑथेंडिकेशन भी जरूरी होगा। सूत्रों ने बताया कि गड़बड़ियों को कंट्रोल करने के लिए काउंटर आधारित तत्काल टिकट भी आधार वेरिफिकेशन के बाद बुक किए जा सकते हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुक करने के लिए ई-आधार ऑथेंटिकेशन शुरू करेगा। इससे वास्तविक यूजर्स को ज़रूरत के वक्त कन्फर्म टिकट हासिल करने में मदद मिलेगी।
बता दें 24 मई से 2 जून तक नॉन-एसी कैटेगरी में हर रोज औसतन 118,567 टिकट ऑनलाइन बुक किए गए। इनमें से 4,724 टिकट पहले मिनट में बुक किए गए, जबकि 20,786 टिकट दूसरे मिनट में बुक किए गए। करीब 66.4 फीसदी टिकट खिड़की खुलने के बाद पहले 10 मिनट में बुक किए गए। इसके अलावा करीब 84.02 फीसदी टिकट खिड़की खुलने के पहले घंटे में ही बिक गए, जबकि बचे टिकट्स अगले 10 घंटों में बिके। इससे साफ पता चलता है कि तत्काल टिकट यात्रियों को ऑनलाइन सिस्टम के जरिए उपलब्ध कराए जाते हैं और करीब 12 फीसदी तत्काल टिकट खिड़की खुलने के 8 से 10 घंटे बाद भी बुक हो जाते हैं।

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