Spread the love

( जुगुल किशोर मिश्रा )

अनूपपुर ।अनूपपुर विधायक (पूर्व मंत्री) बिसाहूलाल सिंह ने वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत, संसद सदस्य केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली अध्यक्ष मध्य प्रदेश नियंत्रण बोर्ड भोपाल एवं आयुक्त शहडोल संभाग को पत्र लिखकर को दिनांक 22 सितंबर  8:00 बजे ओ.पी.एम. के सोडा फैक्ट्री में क्लोरीन गैस के रिसाव के संबंध में अवगत कराया है।उक्त आशय की जानकारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी संयुक्त जिला शहडोल के पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि कि जिला शहडोल एवं म.प्र. के सीमा पर स्थापित ओरियंट पेपर मिल एवं सोडा फैक्ट्री प्लान्ट सैकडों वर्ष पूर्व से स्थापित है, यहां विश्व स्तरीय पेपर मीलों में एशिया महाद्वीप का दूसरा कागज का कारखाना माना जाता है, कागज बनाने के लिए कंपनी के द्वारा बांस लकडी को मिल में डाल कर छोटे-छोटे टुकडों में काटकर लुगदी बनाता है, जिसे कास्टिक सोडा एवं क्लोरीन गैस के समिश्रण से सडा कर कारखाने के माध्यम से कागज बनाया जाता है, कागज का देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी निर्यात किया जाता है।ओरियंट पेपर मिल कंपनी के द्वारा उच्च स्तरीय सोडा, कास्टमेटिक केमिकल क्लोरीन गैस जैसे जहरीली गैसो का उपयोग मिल में किया जाता है, जिसे कागज बनाने के बाद जिसके अपशिष्ट पदार्थों को सोन नदी में बहा दिया जाता है, जिससे सोन नदी का जल प्रदूषित होती है, जीव जन्तु सोन नदी के पानी पीने से जान गवां देते है, यहां की भूमि का उर्वरा शक्ति क्षीण होता है, जहरीली गैस व घुआ को खुले वायुमण्डल में छोडा जाता है. जिससे इस क्षेत्र के निवासियों के उपर दुष्प्रभाव पडता है. जहरीले गैस के दुष्प्रभाव से यहां के नागरिकों को हदय रोग, नेत्र, स्वाश, दमा, तपेदिक जैसे गंभीर बीमारी हो जाता है। हजारों लोगों का जान इसी तरह जा चुका है। जिस संबंध में मेरे द्वारा माह फरवरी 2024 व जुलाई 2024 के विधानसभा सत्र में भी उपरोक्त कंपनी के प्रदूषण नियंत्रण किये जाने के संबंध में ध्यानाकर्षण एवं विधानसभा प्रश्न लगाकर ध्यान आकर्षित कराया था, जिसका प्रशासन एवं कंपनी के द्वारा भ्रामक जानकारी देकर गुमराह किया गया था, और वस्तु स्थिति को छिपाया गया था, जिसकी जांच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल के द्वारा भी करायी गयी थी, किन्तु कंपनी के विरुध्द संतोष प्रद कार्यवाही होना आपेक्षित रहा।दिनांक 21/09/2024 दिन शनिवार को सोडा फैक्ट्री के लचर एवं उदासीन व्यवस्था के कारण सायं 8 बजे सोडा फैक्ट्री कास्टिक यूनिट प्लान्ट से जहरीली क्लोरीन गैस के रिसाव होते ही गांधीनगर बरगवां, सोडा फैक्ट्री कॉलोनी में निवास करने वाले लोगो के आंखों में जलन, सांस में दिक्कत होने लगी, उल्टी बेहोसी, खांसी, सांस लेने में परेसानी होने लगी फेफड़े फूलने लगे जिससे लोगो में अफरा तफरी मच गयी सैकडो लोगो को अस्पताल ले जाया गया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के सक्रियता से लोगो का जान बची, इसके पूर्व विगत माह ग्राम कोलमी निवासी एक गरीब मजदूर का मशीन से गिरकर निधन भी हो गया था, जिसके साथ भी कंपनी द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया था, इसके आलावा कंपनी में सैकडों लोगों का जान जा चुका है, किन्तु कंपनी उन्हें दबा देती है, जिसको सज्ञान में लेने की आवश्यकता है. उक्त घटना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संभागीय अधिकारी के मिली भगत एंव निष्क्रियता के कारण घटित हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा जनप्रतिनिधियों द्वारा किये जा रहे शिकायतों को अनदेखी कर जांच प्रतिवेदन को ठंडेबस्ते में रखा गया है। पूर्व मंत्री एवं अनूपपुर विधायक श्री सिंह ने पत्र में कहा है कि जिला अनूपपुर एवं शहडोल के मध्य स्थापित ओरियंट पेपर मिल एंव सोडा फैक्ट्री के प्रबंधन में किये जाने वाले लापरवाही एवं कंपनी स्थापना के समय किये गये अनुबंध का पालन नही किये जाने का उच्च स्तरीय दल का गठन कर लोक हित व जन कल्याण को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल संज्ञान में लेने का कष्ट करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *