
जमीन की मेड़ पटाने पर हुए विवाद में किसान की मौत
अशोकनगर। जिले के करमाई गांव में जमीनी विवाद में हुई मारपीट में शुक्रवार शाम को एक किसान की मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अस्पताल चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। करीब 3 घंटे बाद पुलिस की समझाइश पर मामला शांत हुआ। इसके बाद परिजनों ने राजमाता चौराहे पर शव रख रास्ता जाम कर दिया। खबर लिखे जाने तक चक्काजाम चल रहा था। इस दौरान किसान के बेटे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आत्महत्या की चेतावनी दी। इसके बाद वह रेलवे ट्रैक की तरफ दौड़ा, लेकिन मौके पर मौजूद लोग उसे पकड़कर वापस ले आए।
जानकारी के अनुसार, घटना का कारण पुराना जमीनी विवाद है। कुछ दिन पहले दशरथ सिंह यादव (55) के पड़ोसी कैलाश अहिरवार ने खेत की नपाई करवाई थी। इसमें दशरथ सिंह के खेत का एक बीघा हिस्सा कैलाश के खेत में शामिल हो गया था। दशरथ सिंह ने इसे स्वीकार कर लिया था। इसके बाद शुक्रवार को कैलाश ने गांव के ही विजयपाल यादव को अपने खेत में जुताई करने बुलाया। इसके बाद विजयपाल ने ट्रैक्टर से कैलाश के खेत की जुताई की वहां खेत की मेड़ पाट दी। इसके बाद वह घर आ गया। इसके बाद विजयपाल के घर जाकर दशरथ सिंह ने जब इसका कारण पूछा तो दोनों में विवाद हो गया। परिजनों का आरोप है कि, इसके बाद विजयपाल ने ईंट से दशरथ सिंह पर हमला कर दिया, वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद घायल दशरथ को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने किया चक्काजाम:
इसके बाद शनिवार सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने अस्पताल चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। इसके बाद एसडीओपी विवेक शर्मा और शाढौरा टीआई सत्येंद्र कुशवाहा समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाइश दी। पुलिस के समझाने के बावजूद परिवार के लोग एफआईआर दर्ज होने तक चक्काजाम खत्म करने को तैयार नहीं थे। परिजनों ने बताया कि विजयपाल के परिवार से उनका पुराना जमीनी विवाद था और कई सालों से दोनों परिवारों में बोलचाल बंद थी। दोपहर करीब 2 बजे मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस बेटे धर्मेंद्र यादव को लेकर एफआईआर दर्ज करने थाने ले गई। वहीं परिजन मृतक के शव को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने बैठ गए। इसके बाद परिजनों ने राजमाता चौराहे पर डेड बॉडी रख दी।
बेटा बोला पुलिस मौके पर पहुंचती तो, यह घटना नहीं होती:
बेटे धर्मेंद्र यादव ने बताया कि वह दोनों भाई अशोकनगर रहते हैं। उनके पिता गांव पर रहते थे। दो-तीन दिनों से विजयपाल यादव खेतों की मेड़ पता रहा था, जिसकी हमारे द्वारा दो दिन पहले थाने में शिकायत भी की थी। उनका कहना है कि पुलिस गांव में स्थिति देखने के लिए नहीं पहुंची थी। बेटे का कहना है की अगर पुलिस मौके पर पहुंचती तो, शायद यह घटना नहीं होती।
